14 फ़रवरी 2028 को अयोध्या का चौघड़िया

सोमवार, 14 फ़रवरी 2028, अयोध्या, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

सोमवार, 14 फ़रवरी 2028 को अयोध्या में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण चतुर्थी (06:42 तक), नक्षत्र हस्त (14:33 तक) और योग शूल है। सूर्योदय 06:38 पर और सूर्यास्त 17:52 पर है। राहुकाल 08:02 से 09:27 तक है।

दिन और रात
दिन 06:38 – 17:52
रात 06:38 तक
तिथि
पंचमी, 04:19 तक
षष्ठी
नक्षत्र
हस्त, 14:33 तक
चित्रा
चौघड़िया
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

14 फ़रवरी 2028 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
अमृत06:38 – 08:02शुभ
काल08:02 – 09:27टालें
शुभ09:27 – 10:51शुभ
रोग10:51 – 12:15टालें
उद्वेग12:15 – 13:39टालें
चर13:39 – 15:03सामान्य
लाभ15:03 – 16:28शुभ
अमृत16:28 – 17:52शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
चर17:52 – 19:27सामान्य
रोग19:27 – 21:03टालें
काल21:03 – 22:39टालें
लाभ22:39 – 00:15शुभ
उद्वेग00:15 – 01:50टालें
शुभ01:50 – 03:26शुभ
अमृत03:26 – 05:02शुभ
चर05:02 – 06:38सामान्य

14 फ़रवरी 2028 का पंचांग

वारसोमवार
तिथि
कृष्ण चतुर्थी 06:42 तक
कृष्ण पंचमी 04:19, 15 फ़र॰ तक
कृष्ण षष्ठी 02:39, 16 फ़र॰ तक
नक्षत्र
हस्त 14:33 तक
चित्रा 13:07, 15 फ़र॰ तक
योग
शूलअशुभ 23:32 तक
गंडअशुभ 20:50, 15 फ़र॰ तक
करण
बालव 06:42 तक
कौलव 17:25 तक
तैतिल 04:19, 15 फ़र॰ तक
गर 15:23, 15 फ़र॰ तक
चंद्र राशि
कन्या 01:45, 15 फ़र॰ तक
सूर्य राशिकुंभ
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:38
सूर्यास्त
17:52
चंद्रोदय
22:06
चंद्रास्त
08:49
दिनमान
11h 13m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
माघ
मास (पूर्णिमांत)
फाल्गुन
विक्रम संवत
2084
शक संवत
1949, प्लवंग संवत्सर
ऋतु
शिशिर
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:56 – 05:47
अभिजीत मुहूर्त
11:53 – 12:37

अशुभ समय

राहुकाल
08:02 – 09:27
यमगंड
10:51 – 12:15
गुलिक काल
13:39 – 15:03

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
चंद्र06:3807:34दिन
शनि07:3408:31दिन
गुरु08:3109:27दिन
मंगल09:2710:23दिन
सूर्य10:2311:19दिन
शुक्र11:1912:15दिन
बुध12:1513:11दिन
चंद्र13:1114:07दिन
शनि14:0715:03दिन
गुरु15:0316:00दिन
मंगल16:0016:56दिन
सूर्य16:5617:52दिन
शुक्र17:5218:56रात
बुध18:5619:59रात
चंद्र19:5921:03रात
शनि21:0322:07रात
गुरु22:0723:11रात
मंगल23:1100:15रात
सूर्य00:1501:18रात
शुक्र01:1802:22रात
बुध02:2203:26रात
चंद्र03:2604:30रात
शनि04:3005:34रात
गुरु05:3406:38रात

अयनांश 24.2499° (लाहिड़ी)। समय अयोध्या (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।