11 अप्रैल 2028 को अयोध्या का चौघड़िया

मंगलवार, 11 अप्रैल 2028, अयोध्या, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

मंगलवार, 11 अप्रैल 2028 को अयोध्या में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण द्वितीया (10:29 तक), नक्षत्र स्वाति (07:49 तक) और योग वज्र है। सूर्योदय 05:41 पर और सूर्यास्त 18:23 पर है। राहुकाल 15:12 से 16:48 तक है।

दिन और रात
दिन 05:41 – 18:23
रात 05:40 तक
तिथि
द्वितीया, 10:29 तक
तृतीया
नक्षत्र
विशाखा
चौघड़िया
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

11 अप्रैल 2028 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
रोग05:41 – 07:16टालें
उद्वेग07:16 – 08:51टालें
चर08:51 – 10:27सामान्य
लाभ10:27 – 12:02शुभ
अमृत12:02 – 13:37शुभ
काल13:37 – 15:12टालें
शुभ15:12 – 16:48शुभ
रोग16:48 – 18:23टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
काल18:23 – 19:48टालें
लाभ19:48 – 21:12शुभ
उद्वेग21:12 – 22:37टालें
शुभ22:37 – 00:01शुभ
अमृत00:01 – 01:26शुभ
चर01:26 – 02:51सामान्य
रोग02:51 – 04:15टालें
काल04:15 – 05:40टालें

11 अप्रैल 2028 का पंचांग

वारमंगलवार
तिथि
कृष्ण द्वितीया 10:29 तक
कृष्ण तृतीया 08:36, 12 अप्रैल तक
नक्षत्र
स्वाति 07:49 तक
विशाखा 06:36, 12 अप्रैल तक
योग
वज्रअशुभ 11:48 तक
सिद्धि 09:12, 12 अप्रैल तक
करण
गर 10:29 तक
वणिज 21:27 तक
विष्टि (भद्रा) 08:36, 12 अप्रैल तक
चंद्र राशि
तुला 00:50, 12 अप्रैल तक
सूर्य राशिमीन
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
05:41
सूर्यास्त
18:23
चंद्रोदय
20:41
चंद्रास्त
06:35
दिनमान
12h 42m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
चैत्र
मास (पूर्णिमांत)
वैशाख
विक्रम संवत
2085
शक संवत
1950, कीलक संवत्सर
ऋतु
वसंत
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:10 – 04:56
अभिजीत मुहूर्त
11:36 – 12:27

अशुभ समय

राहुकाल
15:12 – 16:48
यमगंड
08:51 – 10:27
गुलिक काल
12:02 – 13:37

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
मंगल05:4106:44दिन
सूर्य06:4407:48दिन
शुक्र07:4808:51दिन
बुध08:5109:55दिन
चंद्र09:5510:58दिन
शनि10:5812:02दिन
गुरु12:0213:05दिन
मंगल13:0514:09दिन
सूर्य14:0915:12दिन
शुक्र15:1216:16दिन
बुध16:1617:19दिन
चंद्र17:1918:23दिन
शनि18:2319:19रात
गुरु19:1920:16रात
मंगल20:1621:12रात
सूर्य21:1222:09रात
शुक्र22:0923:05रात
बुध23:0500:01रात
चंद्र00:0100:58रात
शनि00:5801:54रात
गुरु01:5402:51रात
मंगल02:5103:47रात
सूर्य03:4704:43रात
शुक्र04:4305:40रात

अयनांश 24.2520° (लाहिड़ी)। समय अयोध्या (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।