28 अप्रैल 2028 को अयोध्या का चौघड़िया

शुक्रवार, 28 अप्रैल 2028, अयोध्या, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

शुक्रवार, 28 अप्रैल 2028 को अयोध्या में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल चतुर्थी (00:47, 29 अप्रैल तक), नक्षत्र रोहिणी (07:50 तक) और योग शोभन है। सूर्योदय 05:25 पर और सूर्यास्त 18:32 पर है। राहुकाल 10:20 से 11:58 तक है।

दिन और रात
दिन 05:25 – 18:32
रात 05:24 तक
तिथि
चतुर्थी, 00:47 तक
पंचमी
नक्षत्र
मृगशिरा
चौघड़िया
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

28 अप्रैल 2028 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
चर05:25 – 07:03सामान्य
लाभ07:03 – 08:42शुभ
अमृत08:42 – 10:20शुभ
काल10:20 – 11:58टालें
शुभ11:58 – 13:37शुभ
रोग13:37 – 15:15टालें
उद्वेग15:15 – 16:53टालें
चर16:53 – 18:32सामान्य
रात का चौघड़ियासमयफल
रोग18:32 – 19:53टालें
काल19:53 – 21:15टालें
लाभ21:15 – 22:36शुभ
उद्वेग22:36 – 23:58टालें
शुभ23:58 – 01:19शुभ
अमृत01:19 – 02:41शुभ
चर02:41 – 04:03सामान्य
रोग04:03 – 05:24टालें

28 अप्रैल 2028 का पंचांग

वारशुक्रवार
तिथि
शुक्ल चतुर्थी 00:47, 29 अप्रैल तक
शुक्ल पंचमी 23:48, 29 अप्रैल तक
नक्षत्र
रोहिणी 07:50 तक
मृगशिरा 07:46, 29 अप्रैल तक
योग
शोभन 06:35 तक
अतिगंडअशुभ 04:55, 29 अप्रैल तक
सुकर्मा 03:00, 30 अप्रैल तक
करण
वणिज 13:10 तक
विष्टि (भद्रा) 00:47, 29 अप्रैल तक
बव 12:20, 29 अप्रैल तक
चंद्र राशि
वृषभ 19:50 तक
सूर्य राशिमेष
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
05:25
सूर्यास्त
18:32
चंद्रोदय
07:42
चंद्रास्त
22:08
दिनमान
13h 7m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
वैशाख
मास (पूर्णिमांत)
वैशाख
विक्रम संवत
2085
शक संवत
1950, कीलक संवत्सर
ऋतु
वसंत
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
03:58 – 04:41
अभिजीत मुहूर्त
11:32 – 12:25

अशुभ समय

राहुकाल
10:20 – 11:58
यमगंड
15:15 – 16:53
गुलिक काल
07:03 – 08:42

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
शुक्र05:2506:30दिन
बुध06:3007:36दिन
चंद्र07:3608:42दिन
शनि08:4209:47दिन
गुरु09:4710:53दिन
मंगल10:5311:58दिन
सूर्य11:5813:04दिन
शुक्र13:0414:10दिन
बुध14:1015:15दिन
चंद्र15:1516:21दिन
शनि16:2117:26दिन
गुरु17:2618:32दिन
मंगल18:3219:26रात
सूर्य19:2620:21रात
शुक्र20:2121:15रात
बुध21:1522:09रात
चंद्र22:0923:04रात
शनि23:0423:58रात
गुरु23:5800:52रात
मंगल00:5201:47रात
सूर्य01:4702:41रात
शुक्र02:4103:35रात
बुध03:3504:30रात
चंद्र04:3005:24रात

अयनांश 24.2527° (लाहिड़ी)। समय अयोध्या (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।