5 अगस्त 2028 को अयोध्या का चौघड़िया

शनिवार, 5 अगस्त 2028, अयोध्या, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

शनिवार, 5 अगस्त 2028 को अयोध्या में सूर्योदय के समय तिथि पूर्णिमा (13:39 तक), नक्षत्र श्रवण (21:57 तक) और योग आयुष्मान है। सूर्योदय 05:28 पर और सूर्यास्त 18:45 पर है। राहुकाल 08:47 से 10:27 तक है।

दिन और रात
दिन 05:28 – 18:45
रात 05:28 तक
तिथि
पूर्णिमा, 13:39 तक
प्रतिपदा
नक्षत्र
श्रवण, 21:57 तक
धनिष्ठा
चौघड़िया
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

5 अगस्त 2028 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
काल05:28 – 07:07टालें
शुभ07:07 – 08:47शुभ
रोग08:47 – 10:27टालें
उद्वेग10:27 – 12:07टालें
चर12:07 – 13:46सामान्य
लाभ13:46 – 15:26शुभ
अमृत15:26 – 17:06शुभ
काल17:06 – 18:45टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
लाभ18:45 – 20:06शुभ
उद्वेग20:06 – 21:26टालें
शुभ21:26 – 22:46शुभ
अमृत22:46 – 00:07शुभ
चर00:07 – 01:27सामान्य
रोग01:27 – 02:47टालें
काल02:47 – 04:08टालें
लाभ04:08 – 05:28शुभ

5 अगस्त 2028 का पंचांग

वारशनिवार
तिथि
पूर्णिमा 13:39 तक
कृष्ण प्रतिपदा 15:45, 6 अग॰ तक
नक्षत्र
श्रवण 21:57 तक
धनिष्ठा 00:42, 7 अग॰ तक
योग
आयुष्मान 16:42 तक
सौभाग्य 17:26, 6 अग॰ तक
करण
बव 13:39 तक
बालव 02:40, 6 अग॰ तक
कौलव 15:45, 6 अग॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिकर्क
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
05:28
सूर्यास्त
18:45
चंद्रोदय
18:43
चंद्रास्त
05:14
दिनमान
13h 18m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
श्रावण
मास (पूर्णिमांत)
श्रावण
विक्रम संवत
2085
शक संवत
1950, कीलक संवत्सर
ऋतु
वर्षा
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:02 – 04:45
अभिजीत मुहूर्त
11:40 – 12:33

अशुभ समय

राहुकाल
08:47 – 10:27
यमगंड
13:46 – 15:26
गुलिक काल
05:28 – 07:07

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
शनि05:2806:34दिन
गुरु06:3407:41दिन
मंगल07:4108:47दिन
सूर्य08:4709:54दिन
शुक्र09:5411:00दिन
बुध11:0012:07दिन
चंद्र12:0713:13दिन
शनि13:1314:20दिन
गुरु14:2015:26दिन
मंगल15:2616:32दिन
सूर्य16:3217:39दिन
शुक्र17:3918:45दिन
बुध18:4519:39रात
चंद्र19:3920:33रात
शनि20:3321:26रात
गुरु21:2622:20रात
मंगल22:2023:13रात
सूर्य23:1300:07रात
शुक्र00:0701:00रात
बुध01:0001:54रात
चंद्र01:5402:47रात
शनि02:4703:41रात
गुरु03:4104:34रात
मंगल04:3405:28रात

अयनांश 24.2565° (लाहिड़ी)। समय अयोध्या (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।