6 अगस्त 2028 को अयोध्या का चौघड़िया

रविवार, 6 अगस्त 2028, अयोध्या, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

रविवार, 6 अगस्त 2028 को अयोध्या में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण प्रतिपदा (15:45 तक), नक्षत्र धनिष्ठा (00:42, 7 अग॰ तक) और योग सौभाग्य है। सूर्योदय 05:28 पर और सूर्यास्त 18:45 पर है। राहुकाल 17:05 से 18:45 तक है।

दिन और रात
दिन 05:28 – 18:45
रात 05:29 तक
तिथि
प्रतिपदा, 15:45 तक
द्वितीया
नक्षत्र
धनिष्ठा, 00:42 तक
शतभिषा
चौघड़िया
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

6 अगस्त 2028 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
उद्वेग05:28 – 07:08टालें
चर07:08 – 08:47सामान्य
लाभ08:47 – 10:27शुभ
अमृत10:27 – 12:06शुभ
काल12:06 – 13:46टालें
शुभ13:46 – 15:26शुभ
रोग15:26 – 17:05टालें
उद्वेग17:05 – 18:45टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
शुभ18:45 – 20:05शुभ
अमृत20:05 – 21:26शुभ
चर21:26 – 22:46सामान्य
रोग22:46 – 00:07टालें
काल00:07 – 01:27टालें
लाभ01:27 – 02:48शुभ
उद्वेग02:48 – 04:08टालें
शुभ04:08 – 05:29शुभ

6 अगस्त 2028 का पंचांग

वाररविवार
तिथि
कृष्ण प्रतिपदा 15:45 तक
कृष्ण द्वितीया 18:04, 7 अग॰ तक
नक्षत्र
धनिष्ठा 00:42, 7 अग॰ तक
शतभिषा 03:38, 8 अग॰ तक
योग
सौभाग्य 17:26 तक
शोभन 18:19, 7 अग॰ तक
करण
कौलव 15:45 तक
तैतिल 04:53, 7 अग॰ तक
गर 18:04, 7 अग॰ तक
चंद्र राशि
मकर 11:18 तक
सूर्य राशिकर्क
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
05:28
सूर्यास्त
18:45
चंद्रोदय
19:15
चंद्रास्त
06:08
दिनमान
13h 17m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
श्रावण
मास (पूर्णिमांत)
भाद्रपद
विक्रम संवत
2085
शक संवत
1950, कीलक संवत्सर
ऋतु
वर्षा
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:02 – 04:45
अभिजीत मुहूर्त
11:40 – 12:33

अशुभ समय

राहुकाल
17:05 – 18:45
यमगंड
12:06 – 13:46
गुलिक काल
15:26 – 17:05

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
सूर्य05:2806:34दिन
शुक्र06:3407:41दिन
बुध07:4108:47दिन
चंद्र08:4709:54दिन
शनि09:5411:00दिन
गुरु11:0012:06दिन
मंगल12:0613:13दिन
सूर्य13:1314:19दिन
शुक्र14:1915:26दिन
बुध15:2616:32दिन
चंद्र16:3217:38दिन
शनि17:3818:45दिन
गुरु18:4519:38रात
मंगल19:3820:32रात
सूर्य20:3221:26रात
शुक्र21:2622:19रात
बुध22:1923:13रात
चंद्र23:1300:07रात
शनि00:0701:00रात
गुरु01:0001:54रात
मंगल01:5402:48रात
सूर्य02:4803:41रात
शुक्र03:4104:35रात
बुध04:3505:29रात

अयनांश 24.2565° (लाहिड़ी)। समय अयोध्या (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।