30 सितंबर 2028 को अयोध्या का चौघड़िया

शनिवार, 30 सितंबर 2028, अयोध्या, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

शनिवार, 30 सितंबर 2028 को अयोध्या में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल द्वादशी (14:34 तक), नक्षत्र धनिष्ठा (12:56 तक) और योग धृति है। सूर्योदय 05:53 पर और सूर्यास्त 17:48 पर है। राहुकाल 08:52 से 10:21 तक है।

दिन और रात
दिन 05:53 – 17:48
रात 05:53 तक
तिथि
द्वादशी, 14:34 तक
त्रयोदशी
नक्षत्र
धनिष्ठा, 12:56 तक
शतभिषा
चौघड़िया
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

30 सितंबर 2028 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
काल05:53 – 07:22टालें
शुभ07:22 – 08:52शुभ
रोग08:52 – 10:21टालें
उद्वेग10:21 – 11:50टालें
चर11:50 – 13:20सामान्य
लाभ13:20 – 14:49शुभ
अमृत14:49 – 16:19शुभ
काल16:19 – 17:48टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
लाभ17:48 – 19:19शुभ
उद्वेग19:19 – 20:49टालें
शुभ20:49 – 22:20शुभ
अमृत22:20 – 23:51शुभ
चर23:51 – 01:21सामान्य
रोग01:21 – 02:52टालें
काल02:52 – 04:23टालें
लाभ04:23 – 05:53शुभ

30 सितंबर 2028 का पंचांग

वारशनिवार
तिथि
शुक्ल द्वादशी 14:34 तक
शुक्ल त्रयोदशी 17:05, 1 अक्टू॰ तक
नक्षत्र
शतभिषा 15:57, 1 अक्टू॰ तक
योग
धृति 06:34 तक
शूलअशुभ 07:31, 1 अक्टू॰ तक
करण
बालव 14:34 तक
कौलव 03:49, 1 अक्टू॰ तक
तैतिल 17:05, 1 अक्टू॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिकन्या
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
05:53
सूर्यास्त
17:48
चंद्रोदय
15:50
चंद्रास्त
02:52
दिनमान
11h 55m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
आश्विन
मास (पूर्णिमांत)
आश्विन
विक्रम संवत
2085
शक संवत
1950, कीलक संवत्सर
ऋतु
शरद
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:16 – 05:05
अभिजीत मुहूर्त
11:27 – 12:14

अशुभ समय

राहुकाल
08:52 – 10:21
यमगंड
13:20 – 14:49
गुलिक काल
05:53 – 07:22

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
शनि05:5306:52दिन
गुरु06:5207:52दिन
मंगल07:5208:52दिन
सूर्य08:5209:51दिन
शुक्र09:5110:51दिन
बुध10:5111:50दिन
चंद्र11:5012:50दिन
शनि12:5013:50दिन
गुरु13:5014:49दिन
मंगल14:4915:49दिन
सूर्य15:4916:48दिन
शुक्र16:4817:48दिन
बुध17:4818:48रात
चंद्र18:4819:49रात
शनि19:4920:49रात
गुरु20:4921:50रात
मंगल21:5022:50रात
सूर्य22:5023:51रात
शुक्र23:5100:51रात
बुध00:5101:52रात
चंद्र01:5202:52रात
शनि02:5203:52रात
गुरु03:5204:53रात
मंगल04:5305:53रात

अयनांश 24.2586° (लाहिड़ी)। समय अयोध्या (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।