13 फ़रवरी 2029 को अयोध्या का चौघड़िया

मंगलवार, 13 फ़रवरी 2029, अयोध्या, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

मंगलवार, 13 फ़रवरी 2029 को अयोध्या में सूर्योदय के समय तिथि अमावस्या (16:01 तक), नक्षत्र धनिष्ठा (03:40, 14 फ़र॰ तक) और योग वरीयान है। सूर्योदय 06:38 पर और सूर्यास्त 17:52 पर है। राहुकाल 15:03 से 16:27 तक है।

दिन और रात
दिन 06:38 – 17:52
रात 06:38 तक
तिथि
अमावस्या, 16:01 तक
प्रतिपदा
नक्षत्र
धनिष्ठा, 03:40 तक
शतभिषा
चौघड़िया
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

13 फ़रवरी 2029 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
रोग06:38 – 08:03टालें
उद्वेग08:03 – 09:27टालें
चर09:27 – 10:51सामान्य
लाभ10:51 – 12:15शुभ
अमृत12:15 – 13:39शुभ
काल13:39 – 15:03टालें
शुभ15:03 – 16:27शुभ
रोग16:27 – 17:52टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
काल17:52 – 19:27टालें
लाभ19:27 – 21:03शुभ
उद्वेग21:03 – 22:39टालें
शुभ22:39 – 00:15शुभ
अमृत00:15 – 01:50शुभ
चर01:50 – 03:26सामान्य
रोग03:26 – 05:02टालें
काल05:02 – 06:38टालें

13 फ़रवरी 2029 का पंचांग

वारमंगलवार
तिथि
अमावस्या 16:01 तक
शुक्ल प्रतिपदा 17:49, 14 फ़र॰ तक
नक्षत्र
धनिष्ठा 03:40, 14 फ़र॰ तक
शतभिषा 06:05, 15 फ़र॰ तक
योग
वरीयान 13:21 तक
परिघअशुभ 13:34, 14 फ़र॰ तक
करण
नाग 16:01 तक
किंस्तुघ्न 04:52, 14 फ़र॰ तक
बव 17:49, 14 फ़र॰ तक
चंद्र राशि
मकर 14:34 तक
सूर्य राशिकुंभ
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:38
सूर्यास्त
17:52
चंद्रोदय
06:18
चंद्रास्त
17:53
दिनमान
11h 13m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
माघ
मास (पूर्णिमांत)
फाल्गुन
विक्रम संवत
2085
शक संवत
1950, कीलक संवत्सर
ऋतु
शिशिर
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:56 – 05:47
अभिजीत मुहूर्त
11:53 – 12:37

अशुभ समय

राहुकाल
15:03 – 16:27
यमगंड
09:27 – 10:51
गुलिक काल
12:15 – 13:39

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
मंगल06:3807:35दिन
सूर्य07:3508:31दिन
शुक्र08:3109:27दिन
बुध09:2710:23दिन
चंद्र10:2311:19दिन
शनि11:1912:15दिन
गुरु12:1513:11दिन
मंगल13:1114:07दिन
सूर्य14:0715:03दिन
शुक्र15:0315:59दिन
बुध15:5916:56दिन
चंद्र16:5617:52दिन
शनि17:5218:55रात
गुरु18:5519:59रात
मंगल19:5921:03रात
सूर्य21:0322:07रात
शुक्र22:0723:11रात
बुध23:1100:15रात
चंद्र00:1501:18रात
शनि01:1802:22रात
गुरु02:2203:26रात
मंगल03:2604:30रात
सूर्य04:3005:34रात
शुक्र05:3406:38रात

अयनांश 24.2638° (लाहिड़ी)। समय अयोध्या (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

सूची में से सबसे नज़दीकी शहर चुनें।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।