26 मार्च 2029 को अयोध्या का चौघड़िया

सोमवार, 26 मार्च 2029, अयोध्या, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

सोमवार, 26 मार्च 2029 को अयोध्या में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल एकादशी (21:36 तक), नक्षत्र पुष्य (09:10 तक) और योग सुकर्मा है। सूर्योदय 05:58 पर और सूर्यास्त 18:15 पर है। राहुकाल 07:30 से 09:02 तक है।

दिन और रात
दिन 05:58 – 18:15
रात 05:57 तक
तिथि
एकादशी, 21:36 तक
द्वादशी
नक्षत्र
पुष्य, 09:10 तक
आश्लेषा
चौघड़िया
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

26 मार्च 2029 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
अमृत05:58 – 07:30शुभ
काल07:30 – 09:02टालें
शुभ09:02 – 10:34शुभ
रोग10:34 – 12:07टालें
उद्वेग12:07 – 13:39टालें
चर13:39 – 15:11सामान्य
लाभ15:11 – 16:43शुभ
अमृत16:43 – 18:15शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
चर18:15 – 19:43सामान्य
रोग19:43 – 21:10टालें
काल21:10 – 22:38टालें
लाभ22:38 – 00:06शुभ
उद्वेग00:06 – 01:34टालें
शुभ01:34 – 03:02शुभ
अमृत03:02 – 04:29शुभ
चर04:29 – 05:57सामान्य

26 मार्च 2029 का पंचांग

वारसोमवार
तिथि
शुक्ल एकादशी 21:36 तक
शुक्ल द्वादशी 18:53, 27 मार्च तक
नक्षत्र
पुष्य 09:10 तक
आश्लेषा 07:34, 27 मार्च तक
योग
सुकर्मा 17:22 तक
धृति 14:06, 27 मार्च तक
करण
वणिज 10:42 तक
विष्टि (भद्रा) 21:36 तक
बव 08:19, 27 मार्च तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिमीन
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
05:58
सूर्यास्त
18:15
चंद्रोदय
14:19
चंद्रास्त
02:56
दिनमान
12h 17m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
अधिक चैत्र
मास (पूर्णिमांत)
अधिक चैत्र
विक्रम संवत
2086
शक संवत
1951, सौम्य संवत्सर
ऋतु
वसंत
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:24 – 05:11
अभिजीत मुहूर्त
11:42 – 12:31

अशुभ समय

राहुकाल
07:30 – 09:02
यमगंड
10:34 – 12:07
गुलिक काल
13:39 – 15:11

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
चंद्र05:5807:00दिन
शनि07:0008:01दिन
गुरु08:0109:02दिन
मंगल09:0210:04दिन
सूर्य10:0411:05दिन
शुक्र11:0512:07दिन
बुध12:0713:08दिन
चंद्र13:0814:09दिन
शनि14:0915:11दिन
गुरु15:1116:12दिन
मंगल16:1217:14दिन
सूर्य17:1418:15दिन
शुक्र18:1519:13रात
बुध19:1320:12रात
चंद्र20:1221:10रात
शनि21:1022:09रात
गुरु22:0923:07रात
मंगल23:0700:06रात
सूर्य00:0601:05रात
शुक्र01:0502:03रात
बुध02:0303:02रात
चंद्र03:0204:00रात
शनि04:0004:59रात
गुरु04:5905:57रात

अयनांश 24.2654° (लाहिड़ी)। समय अयोध्या (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।