2 अप्रैल 2029 को अयोध्या का चौघड़िया

सोमवार, 2 अप्रैल 2029, अयोध्या, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

सोमवार, 2 अप्रैल 2029 को अयोध्या में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण चतुर्थी (17:49 तक), नक्षत्र विशाखा (12:08 तक) और योग वज्र है। सूर्योदय 05:51 पर और सूर्यास्त 18:18 पर है। राहुकाल 07:24 से 08:57 तक है।

दिन और रात
दिन 05:51 – 18:18
रात 05:49 तक
तिथि
चतुर्थी, 17:49 तक
पंचमी
नक्षत्र
विशाखा, 12:08 तक
अनुराधा
चौघड़िया
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

2 अप्रैल 2029 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
अमृत05:51 – 07:24शुभ
काल07:24 – 08:57टालें
शुभ08:57 – 10:31शुभ
रोग10:31 – 12:04टालें
उद्वेग12:04 – 13:38टालें
चर13:38 – 15:11सामान्य
लाभ15:11 – 16:45शुभ
अमृत16:45 – 18:18शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
चर18:18 – 19:45सामान्य
रोग19:45 – 21:11टालें
काल21:11 – 22:38टालें
लाभ22:38 – 00:04शुभ
उद्वेग00:04 – 01:30टालें
शुभ01:30 – 02:57शुभ
अमृत02:57 – 04:23शुभ
चर04:23 – 05:49सामान्य

2 अप्रैल 2029 का पंचांग

वारसोमवार
तिथि
कृष्ण चतुर्थी 17:49 तक
कृष्ण पंचमी 15:34, 3 अप्रैल तक
नक्षत्र
विशाखा 12:08 तक
अनुराधा 10:27, 3 अप्रैल तक
योग
वज्रअशुभ 09:15 तक
सिद्धि 06:02, 3 अप्रैल तक
करण
बव 07:12 तक
बालव 17:49 तक
कौलव 04:36, 3 अप्रैल तक
तैतिल 15:34, 3 अप्रैल तक
चंद्र राशि
तुला 06:39 तक
सूर्य राशिमीन
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
05:51
सूर्यास्त
18:18
चंद्रोदय
22:12
चंद्रास्त
07:56
दिनमान
12h 28m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
अधिक चैत्र
मास (पूर्णिमांत)
अधिक चैत्र
विक्रम संवत
2086
शक संवत
1951, सौम्य संवत्सर
ऋतु
वसंत
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:18 – 05:04
अभिजीत मुहूर्त
11:40 – 12:29

अशुभ समय

राहुकाल
07:24 – 08:57
यमगंड
10:31 – 12:04
गुलिक काल
13:38 – 15:11

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
चंद्र05:5106:53दिन
शनि06:5307:55दिन
गुरु07:5508:57दिन
मंगल08:5710:00दिन
सूर्य10:0011:02दिन
शुक्र11:0212:04दिन
बुध12:0413:07दिन
चंद्र13:0714:09दिन
शनि14:0915:11दिन
गुरु15:1116:14दिन
मंगल16:1417:16दिन
सूर्य17:1618:18दिन
शुक्र18:1819:16रात
बुध19:1620:14रात
चंद्र20:1421:11रात
शनि21:1122:09रात
गुरु22:0923:06रात
मंगल23:0600:04रात
सूर्य00:0401:01रात
शुक्र01:0101:59रात
बुध01:5902:57रात
चंद्र02:5703:54रात
शनि03:5404:52रात
गुरु04:5205:49रात

अयनांश 24.2657° (लाहिड़ी)। समय अयोध्या (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।