22 अप्रैल 2029 को अयोध्या का चौघड़िया

रविवार, 22 अप्रैल 2029, अयोध्या, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

रविवार, 22 अप्रैल 2029 को अयोध्या में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल अष्टमी (12:54 तक), नक्षत्र पुष्य (17:18 तक) और योग शूल है। सूर्योदय 05:30 पर और सूर्यास्त 18:28 पर है। राहुकाल 16:51 से 18:28 तक है।

दिन और रात
दिन 05:30 – 18:28
रात 05:29 तक
तिथि
अष्टमी, 12:54 तक
नवमी
नक्षत्र
पुष्य, 17:18 तक
आश्लेषा
चौघड़िया
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

22 अप्रैल 2029 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
उद्वेग05:30 – 07:08टालें
चर07:08 – 08:45सामान्य
लाभ08:45 – 10:22शुभ
अमृत10:22 – 11:59शुभ
काल11:59 – 13:37टालें
शुभ13:37 – 15:14शुभ
रोग15:14 – 16:51टालें
उद्वेग16:51 – 18:28टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
शुभ18:28 – 19:51शुभ
अमृत19:51 – 21:14शुभ
चर21:14 – 22:36सामान्य
रोग22:36 – 23:59टालें
काल23:59 – 01:22टालें
लाभ01:22 – 02:44शुभ
उद्वेग02:44 – 04:07टालें
शुभ04:07 – 05:29शुभ

22 अप्रैल 2029 का पंचांग

वाररविवार
तिथि
शुक्ल अष्टमी 12:54 तक
शुक्ल नवमी 11:30, 23 अप्रैल तक
नक्षत्र
पुष्य 17:18 तक
आश्लेषा 16:28, 23 अप्रैल तक
योग
शूलअशुभ 01:26, 23 अप्रैल तक
गंडअशुभ 22:53, 23 अप्रैल तक
करण
बव 12:54 तक
बालव 00:18, 23 अप्रैल तक
कौलव 11:30, 23 अप्रैल तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिमेष
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
05:30
सूर्यास्त
18:28
चंद्रोदय
12:05
चंद्रास्त
00:50
दिनमान
12h 58m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
चैत्र
मास (पूर्णिमांत)
चैत्र
विक्रम संवत
2086
शक संवत
1951, सौम्य संवत्सर
ऋतु
वसंत
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:02 – 04:46
अभिजीत मुहूर्त
11:33 – 12:25

अशुभ समय

राहुकाल
16:51 – 18:28
यमगंड
11:59 – 13:37
गुलिक काल
15:14 – 16:51

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
सूर्य05:3006:35दिन
शुक्र06:3507:40दिन
बुध07:4008:45दिन
चंद्र08:4509:50दिन
शनि09:5010:55दिन
गुरु10:5511:59दिन
मंगल11:5913:04दिन
सूर्य13:0414:09दिन
शुक्र14:0915:14दिन
बुध15:1416:19दिन
चंद्र16:1917:24दिन
शनि17:2418:28दिन
गुरु18:2819:24रात
मंगल19:2420:19रात
सूर्य20:1921:14रात
शुक्र21:1422:09रात
बुध22:0923:04रात
चंद्र23:0423:59रात
शनि23:5900:54रात
गुरु00:5401:49रात
मंगल01:4902:44रात
सूर्य02:4403:39रात
शुक्र03:3904:34रात
बुध04:3405:29रात

अयनांश 24.2664° (लाहिड़ी)। समय अयोध्या (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।