8 नवंबर 2026 को बहरमपुर का चौघड़िया

रविवार, 8 नवंबर 2026, बहरमपुर, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

रविवार, 8 नवंबर 2026 को बहरमपुर में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण चतुर्दशी (11:28 तक), नक्षत्र चित्रा (05:52 तक) और योग आयुष्मान है। सूर्योदय 05:47 पर और सूर्यास्त 16:53 पर है। राहुकाल 15:30 से 16:53 तक है।

दिन और रात
दिन 05:47 – 16:53
रात 05:47 तक
तिथि
चतुर्दशी, 11:28 तक
अमावस्या
नक्षत्र
स्वाति
चौघड़िया
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

8 नवंबर 2026 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
उद्वेग05:47 – 07:10टालें
चर07:10 – 08:33सामान्य
लाभ08:33 – 09:57शुभ
अमृत09:57 – 11:20शुभ
काल11:20 – 12:43टालें
शुभ12:43 – 14:07शुभ
रोग14:07 – 15:30टालें
उद्वेग15:30 – 16:53टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
शुभ16:53 – 18:30शुभ
अमृत18:30 – 20:07शुभ
चर20:07 – 21:44सामान्य
रोग21:44 – 23:20टालें
काल23:20 – 00:57टालें
लाभ00:57 – 02:34शुभ
उद्वेग02:34 – 04:11टालें
शुभ04:11 – 05:47शुभ

8 नवंबर 2026 का पंचांग

वाररविवार
तिथि
कृष्ण चतुर्दशी 11:28 तक
अमावस्या 12:32, 9 नव॰ तक
नक्षत्र
चित्रा 05:52 तक
स्वाति 07:24, 9 नव॰ तक
योग
आयुष्मान 03:03, 9 नव॰ तक
सौभाग्य 02:57, 10 नव॰ तक
करण
शकुनि 11:28 तक
चतुष्पद 23:57 तक
नाग 12:32, 9 नव॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशितुला
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
05:47
सूर्यास्त
16:53
चंद्रोदय
04:44
चंद्रास्त
16:01
दिनमान
11h 6m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
आश्विन
मास (पूर्णिमांत)
कार्तिक
विक्रम संवत
2083
शक संवत
1948, पराभव संवत्सर
ऋतु
शरद
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:04 – 04:55
अभिजीत मुहूर्त
10:58 – 11:42

अशुभ समय

राहुकाल
15:30 – 16:53
यमगंड
11:20 – 12:43
गुलिक काल
14:07 – 15:30

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
सूर्य05:4706:42दिन
शुक्र06:4207:38दिन
बुध07:3808:33दिन
चंद्र08:3309:29दिन
शनि09:2910:25दिन
गुरु10:2511:20दिन
मंगल11:2012:16दिन
सूर्य12:1613:11दिन
शुक्र13:1114:07दिन
बुध14:0715:02दिन
चंद्र15:0215:58दिन
शनि15:5816:53दिन
गुरु16:5317:58रात
मंगल17:5819:02रात
सूर्य19:0220:07रात
शुक्र20:0721:11रात
बुध21:1122:16रात
चंद्र22:1623:20रात
शनि23:2000:25रात
गुरु00:2501:29रात
मंगल01:2902:34रात
सूर्य02:3403:38रात
शुक्र03:3804:43रात
बुध04:4305:47रात

अयनांश 24.2322° (लाहिड़ी)। समय बहरमपुर (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।