24 मार्च 2028 को बल्लारी का चौघड़िया

शुक्रवार, 24 मार्च 2028, बल्लारी, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

शुक्रवार, 24 मार्च 2028 को बल्लारी में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण चतुर्दशी (07:57, 25 मार्च तक), नक्षत्र शतभिषा (14:24 तक) और योग शुभ है। सूर्योदय 06:23 पर और सूर्यास्त 18:33 पर है। राहुकाल 10:57 से 12:28 तक है।

दिन और रात
दिन 06:23 – 18:33
रात 06:22 तक
तिथि
चतुर्दशी
नक्षत्र
शतभिषा, 14:24 तक
पूर्वा भाद्रपद
चौघड़िया
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

24 मार्च 2028 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
चर06:23 – 07:54सामान्य
लाभ07:54 – 09:25शुभ
अमृत09:25 – 10:57शुभ
काल10:57 – 12:28टालें
शुभ12:28 – 13:59शुभ
रोग13:59 – 15:31टालें
उद्वेग15:31 – 17:02टालें
चर17:02 – 18:33सामान्य
रात का चौघड़ियासमयफल
रोग18:33 – 20:02टालें
काल20:02 – 21:30टालें
लाभ21:30 – 22:59शुभ
उद्वेग22:59 – 00:28टालें
शुभ00:28 – 01:56शुभ
अमृत01:56 – 03:25शुभ
चर03:25 – 04:54सामान्य
रोग04:54 – 06:22टालें

24 मार्च 2028 का पंचांग

वारशुक्रवार
तिथि
कृष्ण चतुर्दशी 07:57, 25 मार्च तक
नक्षत्र
शतभिषा 14:24 तक
पूर्वा भाद्रपद 17:11, 25 मार्च तक
योग
शुभ 02:49, 25 मार्च तक
शुक्ल 03:27, 26 मार्च तक
करण
विष्टि (भद्रा) 18:47 तक
शकुनि 07:57, 25 मार्च तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिमीन
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:23
सूर्यास्त
18:33
चंद्रोदय
04:59
चंद्रास्त
17:10
दिनमान
12h 10m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
फाल्गुन
मास (पूर्णिमांत)
चैत्र
विक्रम संवत
2084
शक संवत
1949, प्लवंग संवत्सर
ऋतु
शिशिर
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:48 – 05:36
अभिजीत मुहूर्त
12:04 – 12:52

अशुभ समय

राहुकाल
10:57 – 12:28
यमगंड
15:31 – 17:02
गुलिक काल
07:54 – 09:25

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
शुक्र06:2307:24दिन
बुध07:2408:25दिन
चंद्र08:2509:25दिन
शनि09:2510:26दिन
गुरु10:2611:27दिन
मंगल11:2712:28दिन
सूर्य12:2813:29दिन
शुक्र13:2914:30दिन
बुध14:3015:31दिन
चंद्र15:3116:32दिन
शनि16:3217:32दिन
गुरु17:3218:33दिन
मंगल18:3319:32रात
सूर्य19:3220:31रात
शुक्र20:3121:30रात
बुध21:3022:30रात
चंद्र22:3023:29रात
शनि23:2900:28रात
गुरु00:2801:27रात
मंगल01:2702:26रात
सूर्य02:2603:25रात
शुक्र03:2504:24रात
बुध04:2405:23रात
चंद्र05:2306:22रात

अयनांश 24.2514° (लाहिड़ी)। समय बल्लारी (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।