6 जनवरी 2029 को बल्लारी का चौघड़िया

शनिवार, 6 जनवरी 2029, बल्लारी, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

शनिवार, 6 जनवरी 2029 को बल्लारी में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण षष्ठी (10:13 तक), नक्षत्र उत्तरा फाल्गुनी (20:31 तक) और योग शोभन है। सूर्योदय 06:50 पर और सूर्यास्त 18:06 पर है। राहुकाल 09:39 से 11:03 तक है।

दिन और रात
दिन 06:50 – 18:06
रात 06:50 तक
तिथि
षष्ठी, 10:13 तक
सप्तमी
नक्षत्र
उत्तरा फाल्गुनी, 20:31 तक
हस्त
चौघड़िया
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

6 जनवरी 2029 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
काल06:50 – 08:14टालें
शुभ08:14 – 09:39शुभ
रोग09:39 – 11:03टालें
उद्वेग11:03 – 12:28टालें
चर12:28 – 13:52सामान्य
लाभ13:52 – 15:17शुभ
अमृत15:17 – 16:41शुभ
काल16:41 – 18:06टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
लाभ18:06 – 19:41शुभ
उद्वेग19:41 – 21:17टालें
शुभ21:17 – 22:52शुभ
अमृत22:52 – 00:28शुभ
चर00:28 – 02:03सामान्य
रोग02:03 – 03:39टालें
काल03:39 – 05:14टालें
लाभ05:14 – 06:50शुभ

6 जनवरी 2029 का पंचांग

वारशनिवार
तिथि
कृष्ण षष्ठी 10:13 तक
कृष्ण सप्तमी 08:00, 7 जन॰ तक
नक्षत्र
हस्त 19:02, 7 जन॰ तक
योग
शोभन 03:22, 7 जन॰ तक
अतिगंडअशुभ 00:25, 8 जन॰ तक
करण
वणिज 10:13 तक
विष्टि (भद्रा) 21:06 तक
बव 08:00, 7 जन॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिधनु
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:50
सूर्यास्त
18:06
चंद्रोदय
23:38
चंद्रास्त
10:59
दिनमान
11h 16m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
पौष
मास (पूर्णिमांत)
माघ
विक्रम संवत
2085
शक संवत
1950, कीलक संवत्सर
ऋतु
हेमंत
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
05:08 – 05:59
अभिजीत मुहूर्त
12:05 – 12:50

अशुभ समय

राहुकाल
09:39 – 11:03
यमगंड
13:52 – 15:17
गुलिक काल
06:50 – 08:14

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
शनि06:5007:46दिन
गुरु07:4608:42दिन
मंगल08:4209:39दिन
सूर्य09:3910:35दिन
शुक्र10:3511:31दिन
बुध11:3112:28दिन
चंद्र12:2813:24दिन
शनि13:2414:20दिन
गुरु14:2015:17दिन
मंगल15:1716:13दिन
सूर्य16:1317:10दिन
शुक्र17:1018:06दिन
बुध18:0619:10रात
चंद्र19:1020:13रात
शनि20:1321:17रात
गुरु21:1722:21रात
मंगल22:2123:24रात
सूर्य23:2400:28रात
शुक्र00:2801:32रात
बुध01:3202:35रात
चंद्र02:3503:39रात
शनि03:3904:42रात
गुरु04:4205:46रात
मंगल05:4606:50रात

अयनांश 24.2624° (लाहिड़ी)। समय बल्लारी (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।