4 मार्च 2028 को बर्धमान का चौघड़िया

शनिवार, 4 मार्च 2028, बर्धमान, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

शनिवार, 4 मार्च 2028 को बर्धमान में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल अष्टमी (02:10, 5 मार्च तक), नक्षत्र रोहिणी (20:25 तक) और योग विष्कंभ है। सूर्योदय 05:57 पर और सूर्यास्त 17:43 पर है। राहुकाल 08:53 से 10:22 तक है।

दिन और रात
दिन 05:57 – 17:43
रात 05:56 तक
तिथि
अष्टमी, 02:10 तक
नवमी
नक्षत्र
रोहिणी, 20:25 तक
मृगशिरा
चौघड़िया
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

4 मार्च 2028 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
काल05:57 – 07:25टालें
शुभ07:25 – 08:53शुभ
रोग08:53 – 10:22टालें
उद्वेग10:22 – 11:50टालें
चर11:50 – 13:18सामान्य
लाभ13:18 – 14:46शुभ
अमृत14:46 – 16:15शुभ
काल16:15 – 17:43टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
लाभ17:43 – 19:14शुभ
उद्वेग19:14 – 20:46टालें
शुभ20:46 – 22:18शुभ
अमृत22:18 – 23:49शुभ
चर23:49 – 01:21सामान्य
रोग01:21 – 02:53टालें
काल02:53 – 04:24टालें
लाभ04:24 – 05:56शुभ

4 मार्च 2028 का पंचांग

वारशनिवार
तिथि
शुक्ल अष्टमी 02:10, 5 मार्च तक
शुक्ल नवमी 00:55, 6 मार्च तक
नक्षत्र
रोहिणी 20:25 तक
मृगशिरा 20:00, 5 मार्च तक
योग
विष्कंभअशुभ 19:54 तक
प्रीति 17:54, 5 मार्च तक
करण
विष्टि (भद्रा) 14:32 तक
बव 02:10, 5 मार्च तक
बालव 13:38, 5 मार्च तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिकुंभ
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
05:57
सूर्यास्त
17:43
चंद्रोदय
10:41
चंद्रास्त
इस दिन चंद्रास्त नहीं
दिनमान
11h 46m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
फाल्गुन
मास (पूर्णिमांत)
फाल्गुन
विक्रम संवत
2084
शक संवत
1949, प्लवंग संवत्सर
ऋतु
शिशिर
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:19 – 05:08
अभिजीत मुहूर्त
11:26 – 12:13

अशुभ समय

राहुकाल
08:53 – 10:22
यमगंड
13:18 – 14:46
गुलिक काल
05:57 – 07:25

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
शनि05:5706:56दिन
गुरु06:5607:55दिन
मंगल07:5508:53दिन
सूर्य08:5309:52दिन
शुक्र09:5210:51दिन
बुध10:5111:50दिन
चंद्र11:5012:49दिन
शनि12:4913:47दिन
गुरु13:4714:46दिन
मंगल14:4615:45दिन
सूर्य15:4516:44दिन
शुक्र16:4417:43दिन
बुध17:4318:44रात
चंद्र18:4419:45रात
शनि19:4520:46रात
गुरु20:4621:47रात
मंगल21:4722:48रात
सूर्य22:4823:49रात
शुक्र23:4900:51रात
बुध00:5101:52रात
चंद्र01:5202:53रात
शनि02:5303:54रात
गुरु03:5404:55रात
मंगल04:5505:56रात

अयनांश 24.2506° (लाहिड़ी)। समय बर्धमान (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

सूची में से सबसे नज़दीकी शहर चुनें।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।