14 मार्च 2028 को बर्धमान का चौघड़िया

मंगलवार, 14 मार्च 2028, बर्धमान, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

मंगलवार, 14 मार्च 2028 को बर्धमान में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण चतुर्थी (18:23 तक), नक्षत्र स्वाति (21:26 तक) और योग व्याघात है। सूर्योदय 05:48 पर और सूर्यास्त 17:47 पर है। राहुकाल 14:47 से 16:17 तक है।

दिन और रात
दिन 05:48 – 17:47
रात 05:47 तक
तिथि
चतुर्थी, 18:23 तक
पंचमी
नक्षत्र
स्वाति, 21:26 तक
विशाखा
चौघड़िया
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

14 मार्च 2028 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
रोग05:48 – 07:18टालें
उद्वेग07:18 – 08:48टालें
चर08:48 – 10:17सामान्य
लाभ10:17 – 11:47शुभ
अमृत11:47 – 13:17शुभ
काल13:17 – 14:47टालें
शुभ14:47 – 16:17शुभ
रोग16:17 – 17:47टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
काल17:47 – 19:17टालें
लाभ19:17 – 20:47शुभ
उद्वेग20:47 – 22:17टालें
शुभ22:17 – 23:47शुभ
अमृत23:47 – 01:17शुभ
चर01:17 – 02:47सामान्य
रोग02:47 – 04:17टालें
काल04:17 – 05:47टालें

14 मार्च 2028 का पंचांग

वारमंगलवार
तिथि
कृष्ण चतुर्थी 18:23 तक
कृष्ण पंचमी 16:52, 15 मार्च तक
नक्षत्र
स्वाति 21:26 तक
विशाखा 20:45, 15 मार्च तक
योग
व्याघातअशुभ 02:15, 15 मार्च तक
हर्षण 00:06, 16 मार्च तक
करण
बव 07:26 तक
बालव 18:23 तक
कौलव 05:31, 15 मार्च तक
तैतिल 16:52, 15 मार्च तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिकुंभ
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
05:48
सूर्यास्त
17:47
चंद्रोदय
21:26
चंद्रास्त
07:44
दिनमान
11h 59m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
फाल्गुन
मास (पूर्णिमांत)
चैत्र
विक्रम संवत
2084
शक संवत
1949, प्लवंग संवत्सर
ऋतु
शिशिर
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:12 – 05:00
अभिजीत मुहूर्त
11:23 – 12:11

अशुभ समय

राहुकाल
14:47 – 16:17
यमगंड
08:48 – 10:17
गुलिक काल
11:47 – 13:17

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
मंगल05:4806:48दिन
सूर्य06:4807:48दिन
शुक्र07:4808:48दिन
बुध08:4809:47दिन
चंद्र09:4710:47दिन
शनि10:4711:47दिन
गुरु11:4712:47दिन
मंगल12:4713:47दिन
सूर्य13:4714:47दिन
शुक्र14:4715:47दिन
बुध15:4716:47दिन
चंद्र16:4717:47दिन
शनि17:4718:47रात
गुरु18:4719:47रात
मंगल19:4720:47रात
सूर्य20:4721:47रात
शुक्र21:4722:47रात
बुध22:4723:47रात
चंद्र23:4700:47रात
शनि00:4701:47रात
गुरु01:4702:47रात
मंगल02:4703:47रात
सूर्य03:4704:47रात
शुक्र04:4705:47रात

अयनांश 24.2510° (लाहिड़ी)। समय बर्धमान (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।