14 अक्टूबर 2028 को बर्धमान का चौघड़िया

शनिवार, 14 अक्टूबर 2028, बर्धमान, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

शनिवार, 14 अक्टूबर 2028 को बर्धमान में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण एकादशी (22:28 तक), नक्षत्र आश्लेषा (06:39 तक) और योग शुभ है। सूर्योदय 05:35 पर और सूर्यास्त 17:13 पर है। राहुकाल 08:29 से 09:57 तक है।

दिन और रात
दिन 05:35 – 17:13
रात 05:35 तक
तिथि
एकादशी, 22:28 तक
द्वादशी
नक्षत्र
मघा, 04:32 तक
चौघड़िया
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

14 अक्टूबर 2028 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
काल05:35 – 07:02टालें
शुभ07:02 – 08:29शुभ
रोग08:29 – 09:57टालें
उद्वेग09:57 – 11:24टालें
चर11:24 – 12:51सामान्य
लाभ12:51 – 14:18शुभ
अमृत14:18 – 15:46शुभ
काल15:46 – 17:13टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
लाभ17:13 – 18:46शुभ
उद्वेग18:46 – 20:19टालें
शुभ20:19 – 21:51शुभ
अमृत21:51 – 23:24शुभ
चर23:24 – 00:57सामान्य
रोग00:57 – 02:30टालें
काल02:30 – 04:02टालें
लाभ04:02 – 05:35शुभ

14 अक्टूबर 2028 का पंचांग

वारशनिवार
तिथि
कृष्ण एकादशी 22:28 तक
कृष्ण द्वादशी 19:17, 15 अक्टू॰ तक
नक्षत्र
मघा 04:32, 15 अक्टू॰ तक
पूर्वा फाल्गुनी 01:59, 16 अक्टू॰ तक
योग
शुभ 21:37 तक
शुक्ल 17:51, 15 अक्टू॰ तक
करण
बव 11:55 तक
बालव 22:28 तक
कौलव 08:55, 15 अक्टू॰ तक
चंद्र राशि
कर्क 06:39 तक
सूर्य राशिकन्या
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
05:35
सूर्यास्त
17:13
चंद्रोदय
01:17
चंद्रास्त
14:18
दिनमान
11h 38m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
आश्विन
मास (पूर्णिमांत)
कार्तिक
विक्रम संवत
2085
शक संवत
1950, कीलक संवत्सर
ऋतु
शरद
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
03:56 – 04:45
अभिजीत मुहूर्त
11:01 – 11:47

अशुभ समय

राहुकाल
08:29 – 09:57
यमगंड
12:51 – 14:18
गुलिक काल
05:35 – 07:02

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
शनि05:3506:33दिन
गुरु06:3307:31दिन
मंगल07:3108:29दिन
सूर्य08:2909:27दिन
शुक्र09:2710:26दिन
बुध10:2611:24दिन
चंद्र11:2412:22दिन
शनि12:2213:20दिन
गुरु13:2014:18दिन
मंगल14:1815:17दिन
सूर्य15:1716:15दिन
शुक्र16:1517:13दिन
बुध17:1318:15रात
चंद्र18:1519:17रात
शनि19:1720:19रात
गुरु20:1921:20रात
मंगल21:2022:22रात
सूर्य22:2223:24रात
शुक्र23:2400:26रात
बुध00:2601:28रात
चंद्र01:2802:30रात
शनि02:3003:31रात
गुरु03:3104:33रात
मंगल04:3305:35रात

अयनांश 24.2592° (लाहिड़ी)। समय बर्धमान (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।