24 दिसंबर 2024 को बरेली का चौघड़िया

मंगलवार, 24 दिसंबर 2024, बरेली, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

मंगलवार, 24 दिसंबर 2024 को बरेली में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण नवमी (19:52 तक), नक्षत्र हस्त (12:17 तक) और योग शोभन है। सूर्योदय 07:01 पर और सूर्यास्त 17:22 पर है। राहुकाल 14:47 से 16:04 तक है।

दिन और रात
दिन 07:01 – 17:22
रात 07:02 तक
तिथि
नवमी, 19:52 तक
दशमी
नक्षत्र
हस्त, 12:17 तक
चित्रा
चौघड़िया
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

24 दिसंबर 2024 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
रोग07:01 – 08:19टालें
उद्वेग08:19 – 09:36टालें
चर09:36 – 10:54सामान्य
लाभ10:54 – 12:11शुभ
अमृत12:11 – 13:29शुभ
काल13:29 – 14:47टालें
शुभ14:47 – 16:04शुभ
रोग16:04 – 17:22टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
काल17:22 – 19:04टालें
लाभ19:04 – 20:47शुभ
उद्वेग20:47 – 22:29टालें
शुभ22:29 – 00:12शुभ
अमृत00:12 – 01:54शुभ
चर01:54 – 03:37सामान्य
रोग03:37 – 05:19टालें
काल05:19 – 07:02टालें

24 दिसंबर 2024 का पंचांग

वारमंगलवार
तिथि
कृष्ण नवमी 19:52 तक
कृष्ण दशमी 22:29, 25 दिस॰ तक
नक्षत्र
हस्त 12:17 तक
चित्रा 15:22, 25 दिस॰ तक
योग
शोभन 20:53 तक
अतिगंडअशुभ 21:46, 25 दिस॰ तक
करण
गर 19:52 तक
वणिज 09:13, 25 दिस॰ तक
चंद्र राशि
कन्या 01:51, 25 दिस॰ तक
सूर्य राशिधनु
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
07:01
सूर्यास्त
17:22
चंद्रोदय
00:56
चंद्रास्त
12:44
दिनमान
10h 21m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
मार्गशीर्ष
मास (पूर्णिमांत)
पौष
विक्रम संवत
2081
शक संवत
1946, क्रोधी संवत्सर
ऋतु
हेमंत
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
05:12 – 06:07
अभिजीत मुहूर्त
11:51 – 12:32

अशुभ समय

राहुकाल
14:47 – 16:04
यमगंड
09:36 – 10:54
गुलिक काल
12:11 – 13:29

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
मंगल07:0107:53दिन
सूर्य07:5308:45दिन
शुक्र08:4509:36दिन
बुध09:3610:28दिन
चंद्र10:2811:20दिन
शनि11:2012:11दिन
गुरु12:1113:03दिन
मंगल13:0313:55दिन
सूर्य13:5514:47दिन
शुक्र14:4715:38दिन
बुध15:3816:30दिन
चंद्र16:3017:22दिन
शनि17:2218:30रात
गुरु18:3019:38रात
मंगल19:3820:47रात
सूर्य20:4721:55रात
शुक्र21:5523:03रात
बुध23:0300:12रात
चंद्र00:1201:20रात
शनि01:2002:28रात
गुरु02:2803:37रात
मंगल03:3704:45रात
सूर्य04:4505:53रात
शुक्र05:5307:02रात

अयनांश 24.2060° (लाहिड़ी)। समय बरेली (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

सूची में से सबसे नज़दीकी शहर चुनें।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।