16 फ़रवरी 2025 को बरेली का चौघड़िया

रविवार, 16 फ़रवरी 2025, बरेली, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

रविवार, 16 फ़रवरी 2025 को बरेली में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण चतुर्थी (02:16, 17 फ़र॰ तक), नक्षत्र हस्त (04:31, 17 फ़र॰ तक) और योग धृति है। सूर्योदय 06:49 पर और सूर्यास्त 18:03 पर है। राहुकाल 16:39 से 18:03 तक है।

दिन और रात
दिन 06:49 – 18:03
रात 06:48 तक
तिथि
चतुर्थी, 02:16 तक
पंचमी
नक्षत्र
हस्त, 04:31 तक
चित्रा
चौघड़िया
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

16 फ़रवरी 2025 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
उद्वेग06:49 – 08:13टालें
चर08:13 – 09:37सामान्य
लाभ09:37 – 11:02शुभ
अमृत11:02 – 12:26शुभ
काल12:26 – 13:50टालें
शुभ13:50 – 15:14शुभ
रोग15:14 – 16:39टालें
उद्वेग16:39 – 18:03टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
शुभ18:03 – 19:39शुभ
अमृत19:39 – 21:14शुभ
चर21:14 – 22:50सामान्य
रोग22:50 – 00:26टालें
काल00:26 – 02:01टालें
लाभ02:01 – 03:37शुभ
उद्वेग03:37 – 05:12टालें
शुभ05:12 – 06:48शुभ

16 फ़रवरी 2025 का पंचांग

वाररविवार
तिथि
कृष्ण चतुर्थी 02:16, 17 फ़र॰ तक
कृष्ण पंचमी 04:53, 18 फ़र॰ तक
नक्षत्र
हस्त 04:31, 17 फ़र॰ तक
चित्रा 07:35, 18 फ़र॰ तक
योग
धृति 08:05 तक
शूलअशुभ 08:54, 17 फ़र॰ तक
करण
बव 13:02 तक
बालव 02:16, 17 फ़र॰ तक
कौलव 15:34, 17 फ़र॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिकुंभ
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:49
सूर्यास्त
18:03
चंद्रोदय
21:29
चंद्रास्त
08:44
दिनमान
11h 14m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
माघ
मास (पूर्णिमांत)
फाल्गुन
विक्रम संवत
2081
शक संवत
1946, क्रोधी संवत्सर
ऋतु
शिशिर
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
05:07 – 05:58
अभिजीत मुहूर्त
12:04 – 12:48

अशुभ समय

राहुकाल
16:39 – 18:03
यमगंड
12:26 – 13:50
गुलिक काल
15:14 – 16:39

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
सूर्य06:4907:45दिन
शुक्र07:4508:41दिन
बुध08:4109:37दिन
चंद्र09:3710:34दिन
शनि10:3411:30दिन
गुरु11:3012:26दिन
मंगल12:2613:22दिन
सूर्य13:2214:18दिन
शुक्र14:1815:14दिन
बुध15:1416:11दिन
चंद्र16:1117:07दिन
शनि17:0718:03दिन
गुरु18:0319:07रात
मंगल19:0720:11रात
सूर्य20:1121:14रात
शुक्र21:1422:18रात
बुध22:1823:22रात
चंद्र23:2200:26रात
शनि00:2601:29रात
गुरु01:2902:33रात
मंगल02:3303:37रात
सूर्य03:3704:41रात
शुक्र04:4105:44रात
बुध05:4406:48रात

अयनांश 24.2081° (लाहिड़ी)। समय बरेली (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।