19 फ़रवरी 2025 को बरेली का चौघड़िया

बुधवार, 19 फ़रवरी 2025, बरेली, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

बुधवार, 19 फ़रवरी 2025 को बरेली में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण षष्ठी (07:32 तक), नक्षत्र स्वाति (10:39 तक) और योग वृद्धि है। सूर्योदय 06:46 पर और सूर्यास्त 18:05 पर है। राहुकाल 12:26 से 13:51 तक है।

दिन और रात
दिन 06:46 – 18:05
रात 06:45 तक
तिथि
सप्तमी
नक्षत्र
स्वाति, 10:39 तक
विशाखा
चौघड़िया
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

19 फ़रवरी 2025 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
लाभ06:46 – 08:11शुभ
अमृत08:11 – 09:36शुभ
काल09:36 – 11:01टालें
शुभ11:01 – 12:26शुभ
रोग12:26 – 13:51टालें
उद्वेग13:51 – 15:15टालें
चर15:15 – 16:40सामान्य
लाभ16:40 – 18:05शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
उद्वेग18:05 – 19:40टालें
शुभ19:40 – 21:15शुभ
अमृत21:15 – 22:50शुभ
चर22:50 – 00:25सामान्य
रोग00:25 – 02:00टालें
काल02:00 – 03:35टालें
लाभ03:35 – 05:10शुभ
उद्वेग05:10 – 06:45टालें

19 फ़रवरी 2025 का पंचांग

वारबुधवार
तिथि
कृष्ण षष्ठी 07:32 तक
कृष्ण सप्तमी 09:58, 20 फ़र॰ तक
नक्षत्र
स्वाति 10:39 तक
विशाखा 13:30, 20 फ़र॰ तक
योग
वृद्धि 10:48 तक
ध्रुव 11:33, 20 फ़र॰ तक
करण
वणिज 07:32 तक
विष्टि (भद्रा) 20:48 तक
बव 09:58, 20 फ़र॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिकुंभ
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:46
सूर्यास्त
18:05
चंद्रोदय
इस दिन चंद्रोदय नहीं
चंद्रास्त
10:11
दिनमान
11h 19m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
माघ
मास (पूर्णिमांत)
फाल्गुन
विक्रम संवत
2081
शक संवत
1946, क्रोधी संवत्सर
ऋतु
शिशिर
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
05:05 – 05:56
अभिजीत मुहूर्त
12:03 – 12:48 (बुधवार को पारंपरिक रूप से वर्जित)

अशुभ समय

राहुकाल
12:26 – 13:51
यमगंड
08:11 – 09:36
गुलिक काल
11:01 – 12:26

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
बुध06:4607:43दिन
चंद्र07:4308:39दिन
शनि08:3909:36दिन
गुरु09:3610:33दिन
मंगल10:3311:29दिन
सूर्य11:2912:26दिन
शुक्र12:2613:22दिन
बुध13:2214:19दिन
चंद्र14:1915:15दिन
शनि15:1516:12दिन
गुरु16:1217:09दिन
मंगल17:0918:05दिन
सूर्य18:0519:08रात
शुक्र19:0820:12रात
बुध20:1221:15रात
चंद्र21:1522:19रात
शनि22:1923:22रात
गुरु23:2200:25रात
मंगल00:2501:29रात
सूर्य01:2902:32रात
शुक्र02:3203:35रात
बुध03:3504:39रात
चंद्र04:3905:42रात
शनि05:4206:45रात

अयनांश 24.2082° (लाहिड़ी)। समय बरेली (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।