3 अप्रैल 2025 को बरेली का चौघड़िया

गुरुवार, 3 अप्रैल 2025, बरेली, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

गुरुवार, 3 अप्रैल 2025 को बरेली में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल षष्ठी (21:41 तक), नक्षत्र रोहिणी (07:02 तक) और योग सौभाग्य है। सूर्योदय 06:00 पर और सूर्यास्त 18:31 पर है। राहुकाल 13:49 से 15:23 तक है।

दिन और रात
दिन 06:00 – 18:31
रात 05:59 तक
तिथि
षष्ठी, 21:41 तक
सप्तमी
नक्षत्र
मृगशिरा, 05:51 तक
चौघड़िया
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

3 अप्रैल 2025 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
शुभ06:00 – 07:34शुभ
रोग07:34 – 09:07टालें
उद्वेग09:07 – 10:41टालें
चर10:41 – 12:15सामान्य
लाभ12:15 – 13:49शुभ
अमृत13:49 – 15:23शुभ
काल15:23 – 16:57टालें
शुभ16:57 – 18:31शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
अमृत18:31 – 19:57शुभ
चर19:57 – 21:23सामान्य
रोग21:23 – 22:49टालें
काल22:49 – 00:15टालें
लाभ00:15 – 01:41शुभ
उद्वेग01:41 – 03:07टालें
शुभ03:07 – 04:33शुभ
अमृत04:33 – 05:59शुभ

3 अप्रैल 2025 का पंचांग

वारगुरुवार
तिथि
शुक्ल षष्ठी 21:41 तक
शुक्ल सप्तमी 20:13, 4 अप्रैल तक
नक्षत्र
रोहिणी 07:02 तक
मृगशिरा 05:51, 4 अप्रैल तक
आर्द्रा 05:20, 5 अप्रैल तक
योग
सौभाग्य 00:01, 4 अप्रैल तक
शोभन 21:45, 4 अप्रैल तक
करण
कौलव 10:41 तक
तैतिल 21:41 तक
गर 08:52, 4 अप्रैल तक
चंद्र राशि
वृषभ 18:22 तक
सूर्य राशिमीन
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:00
सूर्यास्त
18:31
चंद्रोदय
09:29
चंद्रास्त
इस दिन चंद्रास्त नहीं
दिनमान
12h 31m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
चैत्र
मास (पूर्णिमांत)
चैत्र
विक्रम संवत
2082
शक संवत
1947, विश्वावसु संवत्सर
ऋतु
वसंत
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:28 – 05:14
अभिजीत मुहूर्त
11:50 – 12:40

अशुभ समय

राहुकाल
13:49 – 15:23
यमगंड
06:00 – 07:34
गुलिक काल
09:07 – 10:41

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
गुरु06:0007:02दिन
मंगल07:0208:05दिन
सूर्य08:0509:07दिन
शुक्र09:0710:10दिन
बुध10:1011:13दिन
चंद्र11:1312:15दिन
शनि12:1513:18दिन
गुरु13:1814:20दिन
मंगल14:2015:23दिन
सूर्य15:2316:26दिन
शुक्र16:2617:28दिन
बुध17:2818:31दिन
चंद्र18:3119:28रात
शनि19:2820:25रात
गुरु20:2521:23रात
मंगल21:2322:20रात
सूर्य22:2023:17रात
शुक्र23:1700:15रात
बुध00:1501:12रात
चंद्र01:1202:09रात
शनि02:0903:07रात
गुरु03:0704:04रात
मंगल04:0405:01रात
सूर्य05:0105:59रात

अयनांश 24.2098° (लाहिड़ी)। समय बरेली (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।