21 अगस्त 2025 को बरेली का चौघड़िया

गुरुवार, 21 अगस्त 2025, बरेली, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

गुरुवार, 21 अगस्त 2025 को बरेली में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण त्रयोदशी (12:45 तक), नक्षत्र पुष्य (00:08, 22 अग॰ तक) और योग व्यतीपात है। सूर्योदय 05:45 पर और सूर्यास्त 18:45 पर है। राहुकाल 13:52 से 15:30 तक है।

दिन और रात
दिन 05:45 – 18:45
रात 05:45 तक
तिथि
त्रयोदशी, 12:45 तक
चतुर्दशी
नक्षत्र
पुष्य, 00:08 तक
आश्लेषा
चौघड़िया
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

21 अगस्त 2025 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
शुभ05:45 – 07:22शुभ
रोग07:22 – 09:00टालें
उद्वेग09:00 – 10:37टालें
चर10:37 – 12:15सामान्य
लाभ12:15 – 13:52शुभ
अमृत13:52 – 15:30शुभ
काल15:30 – 17:07टालें
शुभ17:07 – 18:45शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
अमृत18:45 – 20:07शुभ
चर20:07 – 21:30सामान्य
रोग21:30 – 22:52टालें
काल22:52 – 00:15टालें
लाभ00:15 – 01:37शुभ
उद्वेग01:37 – 03:00टालें
शुभ03:00 – 04:23शुभ
अमृत04:23 – 05:45शुभ

21 अगस्त 2025 का पंचांग

वारगुरुवार
तिथि
कृष्ण त्रयोदशी 12:45 तक
कृष्ण चतुर्दशी 11:56, 22 अग॰ तक
नक्षत्र
पुष्य 00:08, 22 अग॰ तक
आश्लेषा 00:16, 23 अग॰ तक
योग
व्यतीपातअशुभ 16:14 तक
वरीयान 14:35, 22 अग॰ तक
करण
वणिज 12:45 तक
विष्टि (भद्रा) 00:17, 22 अग॰ तक
शकुनि 11:56, 22 अग॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिसिंह
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
05:45
सूर्यास्त
18:45
चंद्रोदय
03:28
चंद्रास्त
17:43
दिनमान
13h 0m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
श्रावण
मास (पूर्णिमांत)
भाद्रपद
विक्रम संवत
2082
शक संवत
1947, विश्वावसु संवत्सर
ऋतु
वर्षा
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:17 – 05:01
अभिजीत मुहूर्त
11:49 – 12:41

अशुभ समय

राहुकाल
13:52 – 15:30
यमगंड
05:45 – 07:22
गुलिक काल
09:00 – 10:37

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
गुरु05:4506:50दिन
मंगल06:5007:55दिन
सूर्य07:5509:00दिन
शुक्र09:0010:05दिन
बुध10:0511:10दिन
चंद्र11:1012:15दिन
शनि12:1513:20दिन
गुरु13:2014:25दिन
मंगल14:2515:30दिन
सूर्य15:3016:35दिन
शुक्र16:3517:40दिन
बुध17:4018:45दिन
चंद्र18:4519:40रात
शनि19:4020:35रात
गुरु20:3521:30रात
मंगल21:3022:25रात
सूर्य22:2523:20रात
शुक्र23:2000:15रात
बुध00:1501:10रात
चंद्र01:1002:05रात
शनि02:0503:00रात
गुरु03:0003:55रात
मंगल03:5504:50रात
सूर्य04:5005:45रात

अयनांश 24.2152° (लाहिड़ी)। समय बरेली (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।