4 अक्टूबर 2025 को बरेली का चौघड़िया

शनिवार, 4 अक्टूबर 2025, बरेली, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

शनिवार, 4 अक्टूबर 2025 को बरेली में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल द्वादशी (17:09 तक), नक्षत्र धनिष्ठा (09:09 तक) और योग शूल है। सूर्योदय 06:06 पर और सूर्यास्त 17:54 पर है। राहुकाल 09:03 से 10:32 तक है।

दिन और रात
दिन 06:06 – 17:54
रात 06:07 तक
तिथि
द्वादशी, 17:09 तक
त्रयोदशी
नक्षत्र
शतभिषा
चौघड़िया
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

4 अक्टूबर 2025 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
काल06:06 – 07:35टालें
शुभ07:35 – 09:03शुभ
रोग09:03 – 10:32टालें
उद्वेग10:32 – 12:00टालें
चर12:00 – 13:29सामान्य
लाभ13:29 – 14:57शुभ
अमृत14:57 – 16:26शुभ
काल16:26 – 17:54टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
लाभ17:54 – 19:26शुभ
उद्वेग19:26 – 20:57टालें
शुभ20:57 – 22:29शुभ
अमृत22:29 – 00:01शुभ
चर00:01 – 01:32सामान्य
रोग01:32 – 03:04टालें
काल03:04 – 04:35टालें
लाभ04:35 – 06:07शुभ

4 अक्टूबर 2025 का पंचांग

वारशनिवार
तिथि
शुक्ल द्वादशी 17:09 तक
शुक्ल त्रयोदशी 15:04, 5 अक्टू॰ तक
नक्षत्र
शतभिषा 08:01, 5 अक्टू॰ तक
योग
शूलअशुभ 19:26 तक
गंडअशुभ 16:34, 5 अक्टू॰ तक
करण
बालव 17:09 तक
कौलव 04:12, 5 अक्टू॰ तक
तैतिल 15:04, 5 अक्टू॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिकन्या
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:06
सूर्यास्त
17:54
चंद्रोदय
16:12
चंद्रास्त
02:49
दिनमान
11h 48m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
आश्विन
मास (पूर्णिमांत)
आश्विन
विक्रम संवत
2082
शक संवत
1947, विश्वावसु संवत्सर
ऋतु
शरद
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:29 – 05:18
अभिजीत मुहूर्त
11:37 – 12:24

अशुभ समय

राहुकाल
09:03 – 10:32
यमगंड
13:29 – 14:57
गुलिक काल
06:06 – 07:35

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
शनि06:0607:05दिन
गुरु07:0508:04दिन
मंगल08:0409:03दिन
सूर्य09:0310:02दिन
शुक्र10:0211:01दिन
बुध11:0112:00दिन
चंद्र12:0012:59दिन
शनि12:5913:58दिन
गुरु13:5814:57दिन
मंगल14:5715:56दिन
सूर्य15:5616:55दिन
शुक्र16:5517:54दिन
बुध17:5418:55रात
चंद्र18:5519:56रात
शनि19:5620:57रात
गुरु20:5721:58रात
मंगल21:5823:00रात
सूर्य23:0000:01रात
शुक्र00:0101:02रात
बुध01:0202:03रात
चंद्र02:0303:04रात
शनि03:0404:05रात
गुरु04:0505:06रात
मंगल05:0606:07रात

अयनांश 24.2169° (लाहिड़ी)। समय बरेली (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।