22 अक्टूबर 2025 को बरेली का चौघड़िया

बुधवार, 22 अक्टूबर 2025, बरेली, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

बुधवार, 22 अक्टूबर 2025 को बरेली में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल प्रतिपदा (20:17 तक), नक्षत्र स्वाति (01:51, 23 अक्टू॰ तक) और योग प्रीति है। सूर्योदय 06:17 पर और सूर्यास्त 17:35 पर है। राहुकाल 11:56 से 13:21 तक है।

दिन और रात
दिन 06:17 – 17:35
रात 06:17 तक
तिथि
प्रतिपदा, 20:17 तक
द्वितीया
नक्षत्र
स्वाति, 01:51 तक
विशाखा
चौघड़िया
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

22 अक्टूबर 2025 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
लाभ06:17 – 07:42शुभ
अमृत07:42 – 09:06शुभ
काल09:06 – 10:31टालें
शुभ10:31 – 11:56शुभ
रोग11:56 – 13:21टालें
उद्वेग13:21 – 14:46टालें
चर14:46 – 16:11सामान्य
लाभ16:11 – 17:35शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
उद्वेग17:35 – 19:11टालें
शुभ19:11 – 20:46शुभ
अमृत20:46 – 22:21शुभ
चर22:21 – 23:56सामान्य
रोग23:56 – 01:32टालें
काल01:32 – 03:07टालें
लाभ03:07 – 04:42शुभ
उद्वेग04:42 – 06:17टालें

22 अक्टूबर 2025 का पंचांग

वारबुधवार
तिथि
शुक्ल प्रतिपदा 20:17 तक
शुक्ल द्वितीया 22:47, 23 अक्टू॰ तक
नक्षत्र
स्वाति 01:51, 23 अक्टू॰ तक
विशाखा 04:51, 24 अक्टू॰ तक
योग
प्रीति 04:05, 23 अक्टू॰ तक
आयुष्मान 04:59, 24 अक्टू॰ तक
करण
किंस्तुघ्न 07:04 तक
बव 20:17 तक
बालव 09:31, 23 अक्टू॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशितुला
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:17
सूर्यास्त
17:35
चंद्रोदय
06:51
चंद्रास्त
17:50
दिनमान
11h 19m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
कार्तिक
मास (पूर्णिमांत)
कार्तिक
विक्रम संवत
2082
शक संवत
1947, विश्वावसु संवत्सर
ऋतु
शरद
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:35 – 05:26
अभिजीत मुहूर्त
11:33 – 12:19 (बुधवार को पारंपरिक रूप से वर्जित)

अशुभ समय

राहुकाल
11:56 – 13:21
यमगंड
07:42 – 09:06
गुलिक काल
10:31 – 11:56

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
बुध06:1707:13दिन
चंद्र07:1308:10दिन
शनि08:1009:06दिन
गुरु09:0610:03दिन
मंगल10:0310:59दिन
सूर्य10:5911:56दिन
शुक्र11:5612:53दिन
बुध12:5313:49दिन
चंद्र13:4914:46दिन
शनि14:4615:42दिन
गुरु15:4216:39दिन
मंगल16:3917:35दिन
सूर्य17:3518:39रात
शुक्र18:3919:42रात
बुध19:4220:46रात
चंद्र20:4621:49रात
शनि21:4922:53रात
गुरु22:5323:56रात
मंगल23:5601:00रात
सूर्य01:0002:03रात
शुक्र02:0303:07रात
बुध03:0704:10रात
चंद्र04:1005:14रात
शनि05:1406:17रात

अयनांश 24.2175° (लाहिड़ी)। समय बरेली (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

सूची में से सबसे नज़दीकी शहर चुनें।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।