3 नवंबर 2025 को बरेली का चौघड़िया

सोमवार, 3 नवंबर 2025, बरेली, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

सोमवार, 3 नवंबर 2025 को बरेली में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल त्रयोदशी (02:06, 4 नव॰ तक), नक्षत्र उत्तरा भाद्रपद (15:05 तक) और योग हर्षण है। सूर्योदय 06:25 पर और सूर्यास्त 17:25 पर है। राहुकाल 07:47 से 09:10 तक है।

दिन और रात
दिन 06:25 – 17:25
रात 06:26 तक
तिथि
त्रयोदशी, 02:06 तक
चतुर्दशी
नक्षत्र
उत्तरा भाद्रपद, 15:05 तक
रेवती
चौघड़िया
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

3 नवंबर 2025 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
अमृत06:25 – 07:47शुभ
काल07:47 – 09:10टालें
शुभ09:10 – 10:33शुभ
रोग10:33 – 11:55टालें
उद्वेग11:55 – 13:18टालें
चर13:18 – 14:40सामान्य
लाभ14:40 – 16:03शुभ
अमृत16:03 – 17:25शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
चर17:25 – 19:03सामान्य
रोग19:03 – 20:41टालें
काल20:41 – 22:18टालें
लाभ22:18 – 23:56शुभ
उद्वेग23:56 – 01:33टालें
शुभ01:33 – 03:11शुभ
अमृत03:11 – 04:48शुभ
चर04:48 – 06:26सामान्य

3 नवंबर 2025 का पंचांग

वारसोमवार
तिथि
शुक्ल त्रयोदशी 02:06, 4 नव॰ तक
शुक्ल चतुर्दशी 22:36, 4 नव॰ तक
नक्षत्र
रेवती 12:34, 4 नव॰ तक
योग
हर्षण 19:39 तक
वज्रअशुभ 15:42, 4 नव॰ तक
करण
कौलव 15:41 तक
तैतिल 02:06, 4 नव॰ तक
गर 12:24, 4 नव॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशितुला
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:25
सूर्यास्त
17:25
चंद्रोदय
15:45
चंद्रास्त
03:40
दिनमान
11h 1m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
कार्तिक
मास (पूर्णिमांत)
कार्तिक
विक्रम संवत
2082
शक संवत
1947, विश्वावसु संवत्सर
ऋतु
शरद
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:41 – 05:33
अभिजीत मुहूर्त
11:33 – 12:17

अशुभ समय

राहुकाल
07:47 – 09:10
यमगंड
10:33 – 11:55
गुलिक काल
13:18 – 14:40

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
चंद्र06:2507:20दिन
शनि07:2008:15दिन
गुरु08:1509:10दिन
मंगल09:1010:05दिन
सूर्य10:0511:00दिन
शुक्र11:0011:55दिन
बुध11:5512:50दिन
चंद्र12:5013:45दिन
शनि13:4514:40दिन
गुरु14:4015:35दिन
मंगल15:3516:30दिन
सूर्य16:3017:25दिन
शुक्र17:2518:31रात
बुध18:3119:36रात
चंद्र19:3620:41रात
शनि20:4121:46रात
गुरु21:4622:51रात
मंगल22:5123:56रात
सूर्य23:5601:01रात
शुक्र01:0102:06रात
बुध02:0603:11रात
चंद्र03:1104:16रात
शनि04:1605:21रात
गुरु05:2106:26रात

अयनांश 24.2180° (लाहिड़ी)। समय बरेली (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

सूची में से सबसे नज़दीकी शहर चुनें।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।