4 नवंबर 2025 को बरेली का चौघड़िया

मंगलवार, 4 नवंबर 2025, बरेली, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

मंगलवार, 4 नवंबर 2025 को बरेली में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल चतुर्दशी (22:36 तक), नक्षत्र रेवती (12:34 तक) और योग वज्र है। सूर्योदय 06:26 पर और सूर्यास्त 17:25 पर है। राहुकाल 14:40 से 16:02 तक है।

दिन और रात
दिन 06:26 – 17:25
रात 06:26 तक
तिथि
चतुर्दशी, 22:36 तक
पूर्णिमा
नक्षत्र
रेवती, 12:34 तक
अश्विनी
चौघड़िया
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

4 नवंबर 2025 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
रोग06:26 – 07:48टालें
उद्वेग07:48 – 09:10टालें
चर09:10 – 10:33सामान्य
लाभ10:33 – 11:55शुभ
अमृत11:55 – 13:18शुभ
काल13:18 – 14:40टालें
शुभ14:40 – 16:02शुभ
रोग16:02 – 17:25टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
काल17:25 – 19:02टालें
लाभ19:02 – 20:40शुभ
उद्वेग20:40 – 22:18टालें
शुभ22:18 – 23:56शुभ
अमृत23:56 – 01:33शुभ
चर01:33 – 03:11सामान्य
रोग03:11 – 04:49टालें
काल04:49 – 06:26टालें

4 नवंबर 2025 का पंचांग

वारमंगलवार
तिथि
शुक्ल चतुर्दशी 22:36 तक
पूर्णिमा 18:49, 5 नव॰ तक
नक्षत्र
रेवती 12:34 तक
अश्विनी 09:40, 5 नव॰ तक
योग
वज्रअशुभ 15:42 तक
सिद्धि 11:28, 5 नव॰ तक
करण
गर 12:24 तक
वणिज 22:36 तक
विष्टि (भद्रा) 08:44, 5 नव॰ तक
चंद्र राशि
मीन 12:34 तक
सूर्य राशितुला
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:26
सूर्यास्त
17:25
चंद्रोदय
16:21
चंद्रास्त
04:46
दिनमान
10h 59m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
कार्तिक
मास (पूर्णिमांत)
कार्तिक
विक्रम संवत
2082
शक संवत
1947, विश्वावसु संवत्सर
ऋतु
शरद
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:42 – 05:34
अभिजीत मुहूर्त
11:33 – 12:17

अशुभ समय

राहुकाल
14:40 – 16:02
यमगंड
09:10 – 10:33
गुलिक काल
11:55 – 13:18

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
मंगल06:2607:21दिन
सूर्य07:2108:15दिन
शुक्र08:1509:10दिन
बुध09:1010:05दिन
चंद्र10:0511:00दिन
शनि11:0011:55दिन
गुरु11:5512:50दिन
मंगल12:5013:45दिन
सूर्य13:4514:40दिन
शुक्र14:4015:35दिन
बुध15:3516:30दिन
चंद्र16:3017:25दिन
शनि17:2518:30रात
गुरु18:3019:35रात
मंगल19:3520:40रात
सूर्य20:4021:45रात
शुक्र21:4522:50रात
बुध22:5023:56रात
चंद्र23:5601:01रात
शनि01:0102:06रात
गुरु02:0603:11रात
मंगल03:1104:16रात
सूर्य04:1605:21रात
शुक्र05:2106:26रात

अयनांश 24.2180° (लाहिड़ी)। समय बरेली (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।