29 मार्च 2026 को बरेली का चौघड़िया

रविवार, 29 मार्च 2026, बरेली, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

रविवार, 29 मार्च 2026 को बरेली में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल एकादशी (07:46 तक), नक्षत्र आश्लेषा (14:38 तक) और योग धृति है। सूर्योदय 06:06 पर और सूर्यास्त 18:28 पर है। राहुकाल 16:55 से 18:28 तक है।

दिन और रात
दिन 06:06 – 18:28
रात 06:05 तक
तिथि
द्वादशी
नक्षत्र
आश्लेषा, 14:38 तक
मघा
चौघड़िया
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

29 मार्च 2026 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
उद्वेग06:06 – 07:38टालें
चर07:38 – 09:11सामान्य
लाभ09:11 – 10:44शुभ
अमृत10:44 – 12:17शुभ
काल12:17 – 13:50टालें
शुभ13:50 – 15:22शुभ
रोग15:22 – 16:55टालें
उद्वेग16:55 – 18:28टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
शुभ18:28 – 19:55शुभ
अमृत19:55 – 21:22शुभ
चर21:22 – 22:49सामान्य
रोग22:49 – 00:16टालें
काल00:16 – 01:43टालें
लाभ01:43 – 03:10शुभ
उद्वेग03:10 – 04:37टालें
शुभ04:37 – 06:05शुभ

29 मार्च 2026 का पंचांग

वाररविवार
तिथि
शुक्ल एकादशी 07:46 तक
शुक्ल द्वादशी 07:10, 30 मार्च तक
नक्षत्र
मघा 14:48, 30 मार्च तक
योग
धृति 18:19 तक
शूलअशुभ 16:51, 30 मार्च तक
करण
विष्टि (भद्रा) 07:46 तक
बव 19:25 तक
बालव 07:10, 30 मार्च तक
चंद्र राशि
कर्क 14:38 तक
सूर्य राशिमीन
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:06
सूर्यास्त
18:28
चंद्रोदय
15:02
चंद्रास्त
03:49
दिनमान
12h 22m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
चैत्र
मास (पूर्णिमांत)
चैत्र
विक्रम संवत
2083
शक संवत
1948, पराभव संवत्सर
ऋतु
वसंत
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:33 – 05:19
अभिजीत मुहूर्त
11:52 – 12:42

अशुभ समय

राहुकाल
16:55 – 18:28
यमगंड
12:17 – 13:50
गुलिक काल
15:22 – 16:55

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
सूर्य06:0607:08दिन
शुक्र07:0808:09दिन
बुध08:0909:11दिन
चंद्र09:1110:13दिन
शनि10:1311:15दिन
गुरु11:1512:17दिन
मंगल12:1713:19दिन
सूर्य13:1914:20दिन
शुक्र14:2015:22दिन
बुध15:2216:24दिन
चंद्र16:2417:26दिन
शनि17:2618:28दिन
गुरु18:2819:26रात
मंगल19:2620:24रात
सूर्य20:2421:22रात
शुक्र21:2222:20रात
बुध22:2023:18रात
चंद्र23:1800:16रात
शनि00:1601:14रात
गुरु01:1402:12रात
मंगल02:1203:10रात
सूर्य03:1004:08रात
शुक्र04:0805:07रात
बुध05:0706:05रात

अयनांश 24.2236° (लाहिड़ी)। समय बरेली (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

सूची में से सबसे नज़दीकी शहर चुनें।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।