2 अप्रैल 2026 को बरेली का चौघड़िया

गुरुवार, 2 अप्रैल 2026, बरेली, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

गुरुवार, 2 अप्रैल 2026 को बरेली में सूर्योदय के समय तिथि पूर्णिमा (07:42 तक), नक्षत्र हस्त (17:38 तक) और योग ध्रुव है। सूर्योदय 06:01 पर और सूर्यास्त 18:30 पर है। राहुकाल 13:49 से 15:23 तक है।

दिन और रात
दिन 06:01 – 18:30
रात 06:00 तक
तिथि
प्रतिपदा
नक्षत्र
हस्त, 17:38 तक
चित्रा
चौघड़िया
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

2 अप्रैल 2026 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
शुभ06:01 – 07:35शुभ
रोग07:35 – 09:08टालें
उद्वेग09:08 – 10:42टालें
चर10:42 – 12:16सामान्य
लाभ12:16 – 13:49शुभ
अमृत13:49 – 15:23शुभ
काल15:23 – 16:56टालें
शुभ16:56 – 18:30शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
अमृत18:30 – 19:56शुभ
चर19:56 – 21:23सामान्य
रोग21:23 – 22:49टालें
काल22:49 – 00:15टालें
लाभ00:15 – 01:41शुभ
उद्वेग01:41 – 03:08टालें
शुभ03:08 – 04:34शुभ
अमृत04:34 – 06:00शुभ

2 अप्रैल 2026 का पंचांग

वारगुरुवार
तिथि
पूर्णिमा 07:42 तक
कृष्ण प्रतिपदा 08:42, 3 अप्रैल तक
नक्षत्र
हस्त 17:38 तक
चित्रा 19:25, 3 अप्रैल तक
योग
ध्रुव 14:19 तक
व्याघातअशुभ 14:08, 3 अप्रैल तक
करण
बव 07:42 तक
बालव 20:09 तक
कौलव 08:42, 3 अप्रैल तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिमीन
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:01
सूर्यास्त
18:30
चंद्रोदय
18:53
चंद्रास्त
05:52
दिनमान
12h 29m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
चैत्र
मास (पूर्णिमांत)
चैत्र
विक्रम संवत
2083
शक संवत
1948, पराभव संवत्सर
ऋतु
वसंत
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:29 – 05:15
अभिजीत मुहूर्त
11:51 – 12:41

अशुभ समय

राहुकाल
13:49 – 15:23
यमगंड
06:01 – 07:35
गुलिक काल
09:08 – 10:42

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
गुरु06:0107:04दिन
मंगल07:0408:06दिन
सूर्य08:0609:08दिन
शुक्र09:0810:11दिन
बुध10:1111:13दिन
चंद्र11:1312:16दिन
शनि12:1613:18दिन
गुरु13:1814:20दिन
मंगल14:2015:23दिन
सूर्य15:2316:25दिन
शुक्र16:2517:28दिन
बुध17:2818:30दिन
चंद्र18:3019:28रात
शनि19:2820:25रात
गुरु20:2521:23रात
मंगल21:2322:20रात
सूर्य22:2023:18रात
शुक्र23:1800:15रात
बुध00:1501:13रात
चंद्र01:1302:10रात
शनि02:1003:08रात
गुरु03:0804:05रात
मंगल04:0505:03रात
सूर्य05:0306:00रात

अयनांश 24.2237° (लाहिड़ी)। समय बरेली (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।