4 अप्रैल 2026 को बरेली का चौघड़िया

शनिवार, 4 अप्रैल 2026, बरेली, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

शनिवार, 4 अप्रैल 2026 को बरेली में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण द्वितीया (10:09 तक), नक्षत्र स्वाति (21:35 तक) और योग हर्षण है। सूर्योदय 05:59 पर और सूर्यास्त 18:31 पर है। राहुकाल 09:07 से 10:41 तक है।

दिन और रात
दिन 05:59 – 18:31
रात 05:58 तक
तिथि
द्वितीया, 10:09 तक
तृतीया
नक्षत्र
स्वाति, 21:35 तक
विशाखा
चौघड़िया
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

4 अप्रैल 2026 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
काल05:59 – 07:33टालें
शुभ07:33 – 09:07शुभ
रोग09:07 – 10:41टालें
उद्वेग10:41 – 12:15टालें
चर12:15 – 13:49सामान्य
लाभ13:49 – 15:23शुभ
अमृत15:23 – 16:57शुभ
काल16:57 – 18:31टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
लाभ18:31 – 19:57शुभ
उद्वेग19:57 – 21:23टालें
शुभ21:23 – 22:49शुभ
अमृत22:49 – 00:14शुभ
चर00:14 – 01:40सामान्य
रोग01:40 – 03:06टालें
काल03:06 – 04:32टालें
लाभ04:32 – 05:58शुभ

4 अप्रैल 2026 का पंचांग

वारशनिवार
तिथि
कृष्ण द्वितीया 10:09 तक
कृष्ण तृतीया 12:00, 5 अप्रैल तक
नक्षत्र
स्वाति 21:35 तक
विशाखा 00:08, 6 अप्रैल तक
योग
हर्षण 14:17 तक
वज्रअशुभ 14:43, 5 अप्रैल तक
करण
गर 10:09 तक
वणिज 23:02 तक
विष्टि (भद्रा) 12:00, 5 अप्रैल तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिमीन
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
05:59
सूर्यास्त
18:31
चंद्रोदय
20:46
चंद्रास्त
06:53
दिनमान
12h 32m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
चैत्र
मास (पूर्णिमांत)
वैशाख
विक्रम संवत
2083
शक संवत
1948, पराभव संवत्सर
ऋतु
वसंत
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:27 – 05:13
अभिजीत मुहूर्त
11:50 – 12:40

अशुभ समय

राहुकाल
09:07 – 10:41
यमगंड
13:49 – 15:23
गुलिक काल
05:59 – 07:33

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
शनि05:5907:02दिन
गुरु07:0208:04दिन
मंगल08:0409:07दिन
सूर्य09:0710:10दिन
शुक्र10:1011:12दिन
बुध11:1212:15दिन
चंद्र12:1513:18दिन
शनि13:1814:20दिन
गुरु14:2015:23दिन
मंगल15:2316:26दिन
सूर्य16:2617:28दिन
शुक्र17:2818:31दिन
बुध18:3119:28रात
चंद्र19:2820:26रात
शनि20:2621:23रात
गुरु21:2322:20रात
मंगल22:2023:17रात
सूर्य23:1700:14रात
शुक्र00:1401:12रात
बुध01:1202:09रात
चंद्र02:0903:06रात
शनि03:0604:03रात
गुरु04:0305:01रात
मंगल05:0105:58रात

अयनांश 24.2238° (लाहिड़ी)। समय बरेली (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।