11 अक्टूबर 2026 को बरेली का चौघड़िया

रविवार, 11 अक्टूबर 2026, बरेली, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

रविवार, 11 अक्टूबर 2026 को बरेली में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल प्रतिपदा (21:31 तक), नक्षत्र चित्रा (22:32 तक) और योग वैधृति है। सूर्योदय 06:10 पर और सूर्यास्त 17:47 पर है। राहुकाल 16:20 से 17:47 तक है।

दिन और रात
दिन 06:10 – 17:47
रात 06:10 तक
तिथि
प्रतिपदा, 21:31 तक
द्वितीया
नक्षत्र
चित्रा, 22:32 तक
स्वाति
चौघड़िया
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

11 अक्टूबर 2026 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
उद्वेग06:10 – 07:37टालें
चर07:37 – 09:04सामान्य
लाभ09:04 – 10:31शुभ
अमृत10:31 – 11:58शुभ
काल11:58 – 13:25टालें
शुभ13:25 – 14:53शुभ
रोग14:53 – 16:20टालें
उद्वेग16:20 – 17:47टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
शुभ17:47 – 19:20शुभ
अमृत19:20 – 20:53शुभ
चर20:53 – 22:26सामान्य
रोग22:26 – 23:59टालें
काल23:59 – 01:32टालें
लाभ01:32 – 03:05शुभ
उद्वेग03:05 – 04:38टालें
शुभ04:38 – 06:10शुभ

11 अक्टूबर 2026 का पंचांग

वाररविवार
तिथि
शुक्ल प्रतिपदा 21:31 तक
शुक्ल द्वितीया 22:13, 12 अक्टू॰ तक
नक्षत्र
चित्रा 22:32 तक
स्वाति 23:52, 12 अक्टू॰ तक
योग
वैधृतिअशुभ 21:05 तक
विष्कंभअशुभ 20:32, 12 अक्टू॰ तक
करण
किंस्तुघ्न 09:22 तक
बव 21:31 तक
बालव 09:48, 12 अक्टू॰ तक
चंद्र राशि
कन्या 10:04 तक
सूर्य राशिकन्या
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:10
सूर्यास्त
17:47
चंद्रोदय
06:38
चंद्रास्त
17:57
दिनमान
11h 37m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
आश्विन
मास (पूर्णिमांत)
आश्विन
विक्रम संवत
2083
शक संवत
1948, पराभव संवत्सर
ऋतु
शरद
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:31 – 05:20
अभिजीत मुहूर्त
11:35 – 12:22

अशुभ समय

राहुकाल
16:20 – 17:47
यमगंड
11:58 – 13:25
गुलिक काल
14:53 – 16:20

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
सूर्य06:1007:08दिन
शुक्र07:0808:06दिन
बुध08:0609:04दिन
चंद्र09:0410:02दिन
शनि10:0211:00दिन
गुरु11:0011:58दिन
मंगल11:5812:56दिन
सूर्य12:5613:55दिन
शुक्र13:5514:53दिन
बुध14:5315:51दिन
चंद्र15:5116:49दिन
शनि16:4917:47दिन
गुरु17:4718:49रात
मंगल18:4919:51रात
सूर्य19:5120:53रात
शुक्र20:5321:55रात
बुध21:5522:57रात
चंद्र22:5723:59रात
शनि23:5901:01रात
गुरु01:0102:03रात
मंगल02:0303:05रात
सूर्य03:0504:07रात
शुक्र04:0705:09रात
बुध05:0906:10रात

अयनांश 24.2311° (लाहिड़ी)। समय बरेली (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

सूची में से सबसे नज़दीकी शहर चुनें।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।