10 नवंबर 2026 को बरेली का चौघड़िया

मंगलवार, 10 नवंबर 2026, बरेली, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

मंगलवार, 10 नवंबर 2026 को बरेली में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल प्रतिपदा (14:00 तक), नक्षत्र विशाखा (09:19 तक) और योग शोभन है। सूर्योदय 06:30 पर और सूर्यास्त 17:21 पर है। राहुकाल 14:38 से 16:00 तक है।

दिन और रात
दिन 06:30 – 17:21
रात 06:31 तक
तिथि
प्रतिपदा, 14:00 तक
द्वितीया
नक्षत्र
अनुराधा
चौघड़िया
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

10 नवंबर 2026 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
रोग06:30 – 07:51टालें
उद्वेग07:51 – 09:13टालें
चर09:13 – 10:34सामान्य
लाभ10:34 – 11:56शुभ
अमृत11:56 – 13:17शुभ
काल13:17 – 14:38टालें
शुभ14:38 – 16:00शुभ
रोग16:00 – 17:21टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
काल17:21 – 19:00टालें
लाभ19:00 – 20:39शुभ
उद्वेग20:39 – 22:17टालें
शुभ22:17 – 23:56शुभ
अमृत23:56 – 01:35शुभ
चर01:35 – 03:13सामान्य
रोग03:13 – 04:52टालें
काल04:52 – 06:31टालें

10 नवंबर 2026 का पंचांग

वारमंगलवार
तिथि
शुक्ल प्रतिपदा 14:00 तक
शुक्ल द्वितीया 15:53, 11 नव॰ तक
नक्षत्र
विशाखा 09:19 तक
अनुराधा 11:38, 11 नव॰ तक
योग
शोभन 03:09, 11 नव॰ तक
अतिगंडअशुभ 03:40, 12 नव॰ तक
करण
बव 14:00 तक
बालव 02:54, 11 नव॰ तक
कौलव 15:53, 11 नव॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशितुला
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:30
सूर्यास्त
17:21
चंद्रोदय
07:24
चंद्रास्त
17:48
दिनमान
10h 51m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
कार्तिक
मास (पूर्णिमांत)
कार्तिक
विक्रम संवत
2083
शक संवत
1948, पराभव संवत्सर
ऋतु
शरद
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:45 – 05:37
अभिजीत मुहूर्त
11:34 – 12:17

अशुभ समय

राहुकाल
14:38 – 16:00
यमगंड
09:13 – 10:34
गुलिक काल
11:56 – 13:17

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
मंगल06:3007:24दिन
सूर्य07:2408:18दिन
शुक्र08:1809:13दिन
बुध09:1310:07दिन
चंद्र10:0711:01दिन
शनि11:0111:56दिन
गुरु11:5612:50दिन
मंगल12:5013:44दिन
सूर्य13:4414:38दिन
शुक्र14:3815:33दिन
बुध15:3316:27दिन
चंद्र16:2717:21दिन
शनि17:2118:27रात
गुरु18:2719:33रात
मंगल19:3320:39रात
सूर्य20:3921:44रात
शुक्र21:4422:50रात
बुध22:5023:56रात
चंद्र23:5601:02रात
शनि01:0202:07रात
गुरु02:0703:13रात
मंगल03:1304:19रात
सूर्य04:1905:25रात
शुक्र05:2506:31रात

अयनांश 24.2322° (लाहिड़ी)। समय बरेली (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।