26 नवंबर 2026 को बरेली का चौघड़िया

गुरुवार, 26 नवंबर 2026, बरेली, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

गुरुवार, 26 नवंबर 2026 को बरेली में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण द्वितीया (13:15 तक), नक्षत्र मृगशिरा (17:47 तक) और योग सिद्ध है। सूर्योदय 06:42 पर और सूर्यास्त 17:15 पर है। राहुकाल 13:18 से 14:37 तक है।

दिन और रात
दिन 06:42 – 17:15
रात 06:43 तक
तिथि
द्वितीया, 13:15 तक
तृतीया
नक्षत्र
मृगशिरा, 17:47 तक
आर्द्रा
चौघड़िया
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

26 नवंबर 2026 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
शुभ06:42 – 08:02शुभ
रोग08:02 – 09:21टालें
उद्वेग09:21 – 10:40टालें
चर10:40 – 11:59सामान्य
लाभ11:59 – 13:18शुभ
अमृत13:18 – 14:37शुभ
काल14:37 – 15:56टालें
शुभ15:56 – 17:15शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
अमृत17:15 – 18:56शुभ
चर18:56 – 20:37सामान्य
रोग20:37 – 22:18टालें
काल22:18 – 23:59टालें
लाभ23:59 – 01:40शुभ
उद्वेग01:40 – 03:21टालें
शुभ03:21 – 05:02शुभ
अमृत05:02 – 06:43शुभ

26 नवंबर 2026 का पंचांग

वारगुरुवार
तिथि
कृष्ण द्वितीया 13:15 तक
कृष्ण तृतीया 09:49, 27 नव॰ तक
नक्षत्र
आर्द्रा 15:08, 27 नव॰ तक
योग
सिद्ध 07:49 तक
साध्य 03:44, 27 नव॰ तक
शुभ 23:51, 27 नव॰ तक
करण
गर 13:15 तक
वणिज 23:30 तक
विष्टि (भद्रा) 09:49, 27 नव॰ तक
चंद्र राशि
वृषभ 07:11 तक
सूर्य राशिवृश्चिक
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:42
सूर्यास्त
17:15
चंद्रोदय
18:53
चंद्रास्त
08:34
दिनमान
10h 33m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
कार्तिक
मास (पूर्णिमांत)
मार्गशीर्ष
विक्रम संवत
2083
शक संवत
1948, पराभव संवत्सर
ऋतु
शरद
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:55 – 05:49
अभिजीत मुहूर्त
11:38 – 12:20

अशुभ समय

राहुकाल
13:18 – 14:37
यमगंड
06:42 – 08:02
गुलिक काल
09:21 – 10:40

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
गुरु06:4207:35दिन
मंगल07:3508:28दिन
सूर्य08:2809:21दिन
शुक्र09:2110:13दिन
बुध10:1311:06दिन
चंद्र11:0611:59दिन
शनि11:5912:52दिन
गुरु12:5213:44दिन
मंगल13:4414:37दिन
सूर्य14:3715:30दिन
शुक्र15:3016:23दिन
बुध16:2317:15दिन
चंद्र17:1518:23रात
शनि18:2319:30रात
गुरु19:3020:37रात
मंगल20:3721:45रात
सूर्य21:4522:52रात
शुक्र22:5223:59रात
बुध23:5901:07रात
चंद्र01:0702:14रात
शनि02:1403:21रात
गुरु03:2104:29रात
मंगल04:2905:36रात
सूर्य05:3606:43रात

अयनांश 24.2329° (लाहिड़ी)। समय बरेली (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।