25 नवंबर 2026 को बरेली का चौघड़िया

बुधवार, 25 नवंबर 2026, बरेली, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

बुधवार, 25 नवंबर 2026 को बरेली में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण प्रतिपदा (16:50 तक), नक्षत्र रोहिणी (20:36 तक) और योग शिव है। सूर्योदय 06:42 पर और सूर्यास्त 17:16 पर है। राहुकाल 11:59 से 13:18 तक है।

दिन और रात
दिन 06:42 – 17:16
रात 06:42 तक
तिथि
प्रतिपदा, 16:50 तक
द्वितीया
नक्षत्र
रोहिणी, 20:36 तक
मृगशिरा
चौघड़िया
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

25 नवंबर 2026 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
लाभ06:42 – 08:01शुभ
अमृत08:01 – 09:20शुभ
काल09:20 – 10:39टालें
शुभ10:39 – 11:59शुभ
रोग11:59 – 13:18टालें
उद्वेग13:18 – 14:37टालें
चर14:37 – 15:56सामान्य
लाभ15:56 – 17:16शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
उद्वेग17:16 – 18:56टालें
शुभ18:56 – 20:37शुभ
अमृत20:37 – 22:18शुभ
चर22:18 – 23:59सामान्य
रोग23:59 – 01:40टालें
काल01:40 – 03:21टालें
लाभ03:21 – 05:02शुभ
उद्वेग05:02 – 06:42टालें

25 नवंबर 2026 का पंचांग

वारबुधवार
तिथि
कृष्ण प्रतिपदा 16:50 तक
कृष्ण द्वितीया 13:15, 26 नव॰ तक
नक्षत्र
रोहिणी 20:36 तक
मृगशिरा 17:47, 26 नव॰ तक
योग
शिव 11:59 तक
सिद्ध 07:49, 26 नव॰ तक
करण
कौलव 16:50 तक
तैतिल 03:02, 26 नव॰ तक
गर 13:15, 26 नव॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिवृश्चिक
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:42
सूर्यास्त
17:16
चंद्रोदय
17:46
चंद्रास्त
07:25
दिनमान
10h 34m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
कार्तिक
मास (पूर्णिमांत)
मार्गशीर्ष
विक्रम संवत
2083
शक संवत
1948, पराभव संवत्सर
ऋतु
शरद
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:54 – 05:48
अभिजीत मुहूर्त
11:37 – 12:20 (बुधवार को पारंपरिक रूप से वर्जित)

अशुभ समय

राहुकाल
11:59 – 13:18
यमगंड
08:01 – 09:20
गुलिक काल
10:39 – 11:59

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
बुध06:4207:34दिन
चंद्र07:3408:27दिन
शनि08:2709:20दिन
गुरु09:2010:13दिन
मंगल10:1311:06दिन
सूर्य11:0611:59दिन
शुक्र11:5912:51दिन
बुध12:5113:44दिन
चंद्र13:4414:37दिन
शनि14:3715:30दिन
गुरु15:3016:23दिन
मंगल16:2317:16दिन
सूर्य17:1618:23रात
शुक्र18:2319:30रात
बुध19:3020:37रात
चंद्र20:3721:44रात
शनि21:4422:52रात
गुरु22:5223:59रात
मंगल23:5901:06रात
सूर्य01:0602:13रात
शुक्र02:1303:21रात
बुध03:2104:28रात
चंद्र04:2805:35रात
शनि05:3506:42रात

अयनांश 24.2328° (लाहिड़ी)। समय बरेली (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।