23 दिसंबर 2026 को बरेली का चौघड़िया

बुधवार, 23 दिसंबर 2026, बरेली, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

बुधवार, 23 दिसंबर 2026 को बरेली में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल चतुर्दशी (10:47 तक), नक्षत्र रोहिणी (07:56 तक) और योग शुभ है। सूर्योदय 07:00 पर और सूर्यास्त 17:21 पर है। राहुकाल 12:11 से 13:28 तक है।

दिन और रात
दिन 07:00 – 17:21
रात 07:01 तक
तिथि
चतुर्दशी, 10:47 तक
पूर्णिमा, 06:58 तक
नक्षत्र
मृगशिरा, 04:53 तक
आर्द्रा
चौघड़िया
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

23 दिसंबर 2026 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
लाभ07:00 – 08:18शुभ
अमृत08:18 – 09:36शुभ
काल09:36 – 10:53टालें
शुभ10:53 – 12:11शुभ
रोग12:11 – 13:28टालें
उद्वेग13:28 – 14:46टालें
चर14:46 – 16:03सामान्य
लाभ16:03 – 17:21शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
उद्वेग17:21 – 19:03टालें
शुभ19:03 – 20:46शुभ
अमृत20:46 – 22:28शुभ
चर22:28 – 00:11सामान्य
रोग00:11 – 01:53टालें
काल01:53 – 03:36टालें
लाभ03:36 – 05:18शुभ
उद्वेग05:18 – 07:01टालें

23 दिसंबर 2026 का पंचांग

वारबुधवार
तिथि
शुक्ल चतुर्दशी 10:47 तक
पूर्णिमा 06:58, 24 दिस॰ तक
कृष्ण प्रतिपदा 03:07, 25 दिस॰ तक
नक्षत्र
रोहिणी 07:56 तक
मृगशिरा 04:53, 24 दिस॰ तक
आर्द्रा 01:47, 25 दिस॰ तक
योग
शुभ 17:15 तक
शुक्ल 12:51, 24 दिस॰ तक
करण
वणिज 10:47 तक
विष्टि (भद्रा) 20:53 तक
बव 06:58, 24 दिस॰ तक
बालव 17:02, 24 दिस॰ तक
चंद्र राशि
वृषभ 18:26 तक
सूर्य राशिधनु
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
07:00
सूर्यास्त
17:21
चंद्रोदय
16:27
चंद्रास्त
06:08
दिनमान
10h 20m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
मार्गशीर्ष
मास (पूर्णिमांत)
मार्गशीर्ष
विक्रम संवत
2083
शक संवत
1948, पराभव संवत्सर
ऋतु
हेमंत
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
05:11 – 06:06
अभिजीत मुहूर्त
11:50 – 12:31 (बुधवार को पारंपरिक रूप से वर्जित)

अशुभ समय

राहुकाल
12:11 – 13:28
यमगंड
08:18 – 09:36
गुलिक काल
10:53 – 12:11

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
बुध07:0007:52दिन
चंद्र07:5208:44दिन
शनि08:4409:36दिन
गुरु09:3610:27दिन
मंगल10:2711:19दिन
सूर्य11:1912:11दिन
शुक्र12:1113:02दिन
बुध13:0213:54दिन
चंद्र13:5414:46दिन
शनि14:4615:38दिन
गुरु15:3816:29दिन
मंगल16:2917:21दिन
सूर्य17:2118:29रात
शुक्र18:2919:38रात
बुध19:3820:46रात
चंद्र20:4621:54रात
शनि21:5423:03रात
गुरु23:0300:11रात
मंगल00:1101:19रात
सूर्य01:1902:28रात
शुक्र02:2803:36रात
बुध03:3604:44रात
चंद्र04:4405:53रात
शनि05:5307:01रात

अयनांश 24.2339° (लाहिड़ी)। समय बरेली (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।