3 जनवरी 2027 को बरेली का चौघड़िया

रविवार, 3 जनवरी 2027, बरेली, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

रविवार, 3 जनवरी 2027 को बरेली में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण एकादशी (16:08 तक), नक्षत्र विशाखा (21:37 तक) और योग धृति है। सूर्योदय 07:04 पर और सूर्यास्त 17:28 पर है। राहुकाल 16:10 से 17:28 तक है।

दिन और रात
दिन 07:04 – 17:28
रात 07:05 तक
तिथि
एकादशी, 16:08 तक
द्वादशी
नक्षत्र
विशाखा, 21:37 तक
अनुराधा
चौघड़िया
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

3 जनवरी 2027 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
उद्वेग07:04 – 08:22टालें
चर08:22 – 09:40सामान्य
लाभ09:40 – 10:58शुभ
अमृत10:58 – 12:16शुभ
काल12:16 – 13:34टालें
शुभ13:34 – 14:52शुभ
रोग14:52 – 16:10टालें
उद्वेग16:10 – 17:28टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
शुभ17:28 – 19:10शुभ
अमृत19:10 – 20:52शुभ
चर20:52 – 22:34सामान्य
रोग22:34 – 00:16टालें
काल00:16 – 01:58टालें
लाभ01:58 – 03:40शुभ
उद्वेग03:40 – 05:22टालें
शुभ05:22 – 07:05शुभ

3 जनवरी 2027 का पंचांग

वाररविवार
तिथि
कृष्ण एकादशी 16:08 तक
कृष्ण द्वादशी 18:16, 4 जन॰ तक
नक्षत्र
विशाखा 21:37 तक
अनुराधा 00:15, 5 जन॰ तक
योग
धृति 11:37 तक
शूलअशुभ 12:03, 4 जन॰ तक
करण
बालव 16:08 तक
कौलव 05:10, 4 जन॰ तक
तैतिल 18:16, 4 जन॰ तक
चंद्र राशि
तुला 15:00 तक
सूर्य राशिधनु
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
07:04
सूर्यास्त
17:28
चंद्रोदय
03:11
चंद्रास्त
13:45
दिनमान
10h 24m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
मार्गशीर्ष
मास (पूर्णिमांत)
पौष
विक्रम संवत
2083
शक संवत
1948, पराभव संवत्सर
ऋतु
हेमंत
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
05:15 – 06:10
अभिजीत मुहूर्त
11:55 – 12:37

अशुभ समय

राहुकाल
16:10 – 17:28
यमगंड
12:16 – 13:34
गुलिक काल
14:52 – 16:10

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
सूर्य07:0407:56दिन
शुक्र07:5608:48दिन
बुध08:4809:40दिन
चंद्र09:4010:32दिन
शनि10:3211:24दिन
गुरु11:2412:16दिन
मंगल12:1613:08दिन
सूर्य13:0814:00दिन
शुक्र14:0014:52दिन
बुध14:5215:44दिन
चंद्र15:4416:36दिन
शनि16:3617:28दिन
गुरु17:2818:36रात
मंगल18:3619:44रात
सूर्य19:4420:52रात
शुक्र20:5222:00रात
बुध22:0023:08रात
चंद्र23:0800:16रात
शनि00:1601:24रात
गुरु01:2402:32रात
मंगल02:3203:40रात
सूर्य03:4004:48रात
शुक्र04:4805:56रात
बुध05:5607:05रात

अयनांश 24.2343° (लाहिड़ी)। समय बरेली (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।