21 फ़रवरी 2027 को बरेली का चौघड़िया

रविवार, 21 फ़रवरी 2027, बरेली, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

रविवार, 21 फ़रवरी 2027 को बरेली में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण प्रतिपदा (02:03, 22 फ़र॰ तक), नक्षत्र मघा (13:51 तक) और योग अतिगंड है। सूर्योदय 06:45 पर और सूर्यास्त 18:06 पर है। राहुकाल 16:41 से 18:06 तक है।

दिन और रात
दिन 06:45 – 18:06
रात 06:44 तक
तिथि
प्रतिपदा, 02:03 तक
द्वितीया
नक्षत्र
मघा, 13:51 तक
पूर्वा फाल्गुनी
चौघड़िया
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

21 फ़रवरी 2027 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
उद्वेग06:45 – 08:10टालें
चर08:10 – 09:35सामान्य
लाभ09:35 – 11:00शुभ
अमृत11:00 – 12:26शुभ
काल12:26 – 13:51टालें
शुभ13:51 – 15:16शुभ
रोग15:16 – 16:41टालें
उद्वेग16:41 – 18:06टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
शुभ18:06 – 19:41शुभ
अमृत19:41 – 21:16शुभ
चर21:16 – 22:50सामान्य
रोग22:50 – 00:25टालें
काल00:25 – 02:00टालें
लाभ02:00 – 03:35शुभ
उद्वेग03:35 – 05:09टालें
शुभ05:09 – 06:44शुभ

21 फ़रवरी 2027 का पंचांग

वाररविवार
तिथि
कृष्ण प्रतिपदा 02:03, 22 फ़र॰ तक
कृष्ण द्वितीया 23:39, 22 फ़र॰ तक
नक्षत्र
मघा 13:51 तक
पूर्वा फाल्गुनी 11:55, 22 फ़र॰ तक
योग
अतिगंडअशुभ 11:27 तक
सुकर्मा 08:02, 22 फ़र॰ तक
करण
बालव 15:25 तक
कौलव 02:03, 22 फ़र॰ तक
तैतिल 12:47, 22 फ़र॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिकुंभ
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:45
सूर्यास्त
18:06
चंद्रोदय
18:40
चंद्रास्त
06:47
दिनमान
11h 21m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
माघ
मास (पूर्णिमांत)
फाल्गुन
विक्रम संवत
2083
शक संवत
1948, पराभव संवत्सर
ऋतु
शिशिर
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
05:04 – 05:54
अभिजीत मुहूर्त
12:03 – 12:48

अशुभ समय

राहुकाल
16:41 – 18:06
यमगंड
12:26 – 13:51
गुलिक काल
15:16 – 16:41

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
सूर्य06:4507:42दिन
शुक्र07:4208:39दिन
बुध08:3909:35दिन
चंद्र09:3510:32दिन
शनि10:3211:29दिन
गुरु11:2912:26दिन
मंगल12:2613:22दिन
सूर्य13:2214:19दिन
शुक्र14:1915:16दिन
बुध15:1616:13दिन
चंद्र16:1317:09दिन
शनि17:0918:06दिन
गुरु18:0619:09रात
मंगल19:0920:13रात
सूर्य20:1321:16रात
शुक्र21:1622:19रात
बुध22:1923:22रात
चंद्र23:2200:25रात
शनि00:2501:28रात
गुरु01:2802:31रात
मंगल02:3103:35रात
सूर्य03:3504:38रात
शुक्र04:3805:41रात
बुध05:4106:44रात

अयनांश 24.2362° (लाहिड़ी)। समय बरेली (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।