20 फ़रवरी 2027 को बरेली का चौघड़िया

शनिवार, 20 फ़रवरी 2027, बरेली, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

शनिवार, 20 फ़रवरी 2027 को बरेली में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल चतुर्दशी (08:00 तक), नक्षत्र आश्लेषा (16:07 तक) और योग शोभन है। सूर्योदय 06:46 पर और सूर्यास्त 18:06 पर है। राहुकाल 09:36 से 11:01 तक है।

दिन और रात
दिन 06:46 – 18:06
रात 06:45 तक
तिथि
पूर्णिमा, 04:53 तक
प्रतिपदा
नक्षत्र
आश्लेषा, 16:07 तक
मघा
चौघड़िया
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

20 फ़रवरी 2027 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
काल06:46 – 08:11टालें
शुभ08:11 – 09:36शुभ
रोग09:36 – 11:01टालें
उद्वेग11:01 – 12:26टालें
चर12:26 – 13:51सामान्य
लाभ13:51 – 15:16शुभ
अमृत15:16 – 16:41शुभ
काल16:41 – 18:06टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
लाभ18:06 – 19:40शुभ
उद्वेग19:40 – 21:15टालें
शुभ21:15 – 22:50शुभ
अमृत22:50 – 00:25शुभ
चर00:25 – 02:00सामान्य
रोग02:00 – 03:35टालें
काल03:35 – 05:10टालें
लाभ05:10 – 06:45शुभ

20 फ़रवरी 2027 का पंचांग

वारशनिवार
तिथि
शुक्ल चतुर्दशी 08:00 तक
पूर्णिमा 04:53, 21 फ़र॰ तक
कृष्ण प्रतिपदा 02:03, 22 फ़र॰ तक
नक्षत्र
मघा 13:51, 21 फ़र॰ तक
योग
शोभन 15:08 तक
अतिगंडअशुभ 11:27, 21 फ़र॰ तक
करण
वणिज 08:00 तक
विष्टि (भद्रा) 18:25 तक
बव 04:53, 21 फ़र॰ तक
बालव 15:25, 21 फ़र॰ तक
चंद्र राशि
कर्क 16:07 तक
सूर्य राशिकुंभ
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:46
सूर्यास्त
18:06
चंद्रोदय
17:33
चंद्रास्त
06:09
दिनमान
11h 20m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
माघ
मास (पूर्णिमांत)
माघ
विक्रम संवत
2083
शक संवत
1948, पराभव संवत्सर
ऋतु
शिशिर
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
05:04 – 05:55
अभिजीत मुहूर्त
12:03 – 12:48

अशुभ समय

राहुकाल
09:36 – 11:01
यमगंड
13:51 – 15:16
गुलिक काल
06:46 – 08:11

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
शनि06:4607:43दिन
गुरु07:4308:39दिन
मंगल08:3909:36दिन
सूर्य09:3610:32दिन
शुक्र10:3211:29दिन
बुध11:2912:26दिन
चंद्र12:2613:22दिन
शनि13:2214:19दिन
गुरु14:1915:16दिन
मंगल15:1616:12दिन
सूर्य16:1217:09दिन
शुक्र17:0918:06दिन
बुध18:0619:09रात
चंद्र19:0920:12रात
शनि20:1221:15रात
गुरु21:1522:19रात
मंगल22:1923:22रात
सूर्य23:2200:25रात
शुक्र00:2501:29रात
बुध01:2902:32रात
चंद्र02:3203:35रात
शनि03:3504:38रात
गुरु04:3805:42रात
मंगल05:4206:45रात

अयनांश 24.2361° (लाहिड़ी)। समय बरेली (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।