27 अगस्त 2027 को बरेली का चौघड़िया

शुक्रवार, 27 अगस्त 2027, बरेली, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

शुक्रवार, 27 अगस्त 2027 को बरेली में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण दशमी (15:25 तक), नक्षत्र मृगशिरा (10:22 तक) और योग वज्र है। सूर्योदय 05:47 पर और सूर्यास्त 18:39 पर है। राहुकाल 10:37 से 12:13 तक है।

दिन और रात
दिन 05:47 – 18:39
रात 05:48 तक
तिथि
दशमी, 15:25 तक
एकादशी
नक्षत्र
मृगशिरा, 10:22 तक
आर्द्रा
चौघड़िया
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

27 अगस्त 2027 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
चर05:47 – 07:24सामान्य
लाभ07:24 – 09:00शुभ
अमृत09:00 – 10:37शुभ
काल10:37 – 12:13टालें
शुभ12:13 – 13:50शुभ
रोग13:50 – 15:26टालें
उद्वेग15:26 – 17:03टालें
चर17:03 – 18:39सामान्य
रात का चौघड़ियासमयफल
रोग18:39 – 20:03टालें
काल20:03 – 21:26टालें
लाभ21:26 – 22:50शुभ
उद्वेग22:50 – 00:13टालें
शुभ00:13 – 01:37शुभ
अमृत01:37 – 03:01शुभ
चर03:01 – 04:24सामान्य
रोग04:24 – 05:48टालें

27 अगस्त 2027 का पंचांग

वारशुक्रवार
तिथि
कृष्ण दशमी 15:25 तक
कृष्ण एकादशी 12:42, 28 अग॰ तक
नक्षत्र
आर्द्रा 08:32, 28 अग॰ तक
योग
वज्रअशुभ 16:26 तक
सिद्धि 13:07, 28 अग॰ तक
करण
विष्टि (भद्रा) 15:25 तक
बव 02:07, 28 अग॰ तक
बालव 12:42, 28 अग॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिसिंह
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
05:47
सूर्यास्त
18:39
चंद्रोदय
00:27
चंद्रास्त
15:09
दिनमान
12h 52m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
श्रावण
मास (पूर्णिमांत)
भाद्रपद
विक्रम संवत
2084
शक संवत
1949, प्लवंग संवत्सर
ऋतु
वर्षा
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:18 – 05:03
अभिजीत मुहूर्त
11:47 – 12:39

अशुभ समय

राहुकाल
10:37 – 12:13
यमगंड
15:26 – 17:03
गुलिक काल
07:24 – 09:00

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
शुक्र05:4706:52दिन
बुध06:5207:56दिन
चंद्र07:5609:00दिन
शनि09:0010:05दिन
गुरु10:0511:09दिन
मंगल11:0912:13दिन
सूर्य12:1313:18दिन
शुक्र13:1814:22दिन
बुध14:2215:26दिन
चंद्र15:2616:30दिन
शनि16:3017:35दिन
गुरु17:3518:39दिन
मंगल18:3919:35रात
सूर्य19:3520:31रात
शुक्र20:3121:26रात
बुध21:2622:22रात
चंद्र22:2223:18रात
शनि23:1800:13रात
गुरु00:1301:09रात
मंगल01:0902:05रात
सूर्य02:0503:01रात
शुक्र03:0103:56रात
बुध03:5604:52रात
चंद्र04:5205:48रात

अयनांश 24.2433° (लाहिड़ी)। समय बरेली (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।