26 अगस्त 2027 को बरेली का चौघड़िया

गुरुवार, 26 अगस्त 2027, बरेली, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

गुरुवार, 26 अगस्त 2027 को बरेली में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण नवमी (17:39 तक), नक्षत्र रोहिणी (11:42 तक) और योग हर्षण है। सूर्योदय 05:47 पर और सूर्यास्त 18:40 पर है। राहुकाल 13:50 से 15:27 तक है।

दिन और रात
दिन 05:47 – 18:40
रात 05:47 तक
तिथि
नवमी, 17:39 तक
दशमी
नक्षत्र
रोहिणी, 11:42 तक
मृगशिरा
चौघड़िया
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

26 अगस्त 2027 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
शुभ05:47 – 07:24शुभ
रोग07:24 – 09:00टालें
उद्वेग09:00 – 10:37टालें
चर10:37 – 12:14सामान्य
लाभ12:14 – 13:50शुभ
अमृत13:50 – 15:27शुभ
काल15:27 – 17:04टालें
शुभ17:04 – 18:40शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
अमृत18:40 – 20:04शुभ
चर20:04 – 21:27सामान्य
रोग21:27 – 22:50टालें
काल22:50 – 00:14टालें
लाभ00:14 – 01:37शुभ
उद्वेग01:37 – 03:01टालें
शुभ03:01 – 04:24शुभ
अमृत04:24 – 05:47शुभ

26 अगस्त 2027 का पंचांग

वारगुरुवार
तिथि
कृष्ण नवमी 17:39 तक
कृष्ण दशमी 15:25, 27 अग॰ तक
नक्षत्र
रोहिणी 11:42 तक
मृगशिरा 10:22, 27 अग॰ तक
योग
हर्षण 19:21 तक
वज्रअशुभ 16:26, 27 अग॰ तक
करण
तैतिल 06:34 तक
गर 17:39 तक
वणिज 04:36, 27 अग॰ तक
विष्टि (भद्रा) 15:25, 27 अग॰ तक
चंद्र राशि
वृषभ 23:06 तक
सूर्य राशिसिंह
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
05:47
सूर्यास्त
18:40
चंद्रोदय
इस दिन चंद्रोदय नहीं
चंद्रास्त
14:08
दिनमान
12h 53m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
श्रावण
मास (पूर्णिमांत)
भाद्रपद
विक्रम संवत
2084
शक संवत
1949, प्लवंग संवत्सर
ऋतु
वर्षा
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:18 – 05:02
अभिजीत मुहूर्त
11:48 – 12:39

अशुभ समय

राहुकाल
13:50 – 15:27
यमगंड
05:47 – 07:24
गुलिक काल
09:00 – 10:37

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
गुरु05:4706:51दिन
मंगल06:5107:56दिन
सूर्य07:5609:00दिन
शुक्र09:0010:05दिन
बुध10:0511:09दिन
चंद्र11:0912:14दिन
शनि12:1413:18दिन
गुरु13:1814:22दिन
मंगल14:2215:27दिन
सूर्य15:2716:31दिन
शुक्र16:3117:36दिन
बुध17:3618:40दिन
चंद्र18:4019:36रात
शनि19:3620:31रात
गुरु20:3121:27रात
मंगल21:2722:23रात
सूर्य22:2323:18रात
शुक्र23:1800:14रात
बुध00:1401:09रात
चंद्र01:0902:05रात
शनि02:0503:01रात
गुरु03:0103:56रात
मंगल03:5604:52रात
सूर्य04:5205:47रात

अयनांश 24.2433° (लाहिड़ी)। समय बरेली (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।