3 अक्टूबर 2027 को बरेली का चौघड़िया

रविवार, 3 अक्टूबर 2027, बरेली, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

रविवार, 3 अक्टूबर 2027 को बरेली में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल चतुर्थी (01:28, 4 अक्टू॰ तक), नक्षत्र विशाखा (00:00, 4 अक्टू॰ तक) और योग विष्कंभ है। सूर्योदय 06:05 पर और सूर्यास्त 17:56 पर है। राहुकाल 16:27 से 17:56 तक है।

दिन और रात
दिन 06:05 – 17:56
रात 06:06 तक
तिथि
चतुर्थी, 01:28 तक
पंचमी
नक्षत्र
विशाखा, 00:00 तक
अनुराधा
चौघड़िया
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

3 अक्टूबर 2027 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
उद्वेग06:05 – 07:34टालें
चर07:34 – 09:03सामान्य
लाभ09:03 – 10:32शुभ
अमृत10:32 – 12:01शुभ
काल12:01 – 13:30टालें
शुभ13:30 – 14:58शुभ
रोग14:58 – 16:27टालें
उद्वेग16:27 – 17:56टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
शुभ17:56 – 19:27शुभ
अमृत19:27 – 20:59शुभ
चर20:59 – 22:30सामान्य
रोग22:30 – 00:01टालें
काल00:01 – 01:32टालें
लाभ01:32 – 03:03शुभ
उद्वेग03:03 – 04:35टालें
शुभ04:35 – 06:06शुभ

3 अक्टूबर 2027 का पंचांग

वाररविवार
तिथि
शुक्ल चतुर्थी 01:28, 4 अक्टू॰ तक
शुक्ल पंचमी 01:36, 5 अक्टू॰ तक
नक्षत्र
विशाखा 00:00, 4 अक्टू॰ तक
अनुराधा 00:44, 5 अक्टू॰ तक
योग
विष्कंभअशुभ 13:45 तक
प्रीति 12:25, 4 अक्टू॰ तक
करण
वणिज 13:43 तक
विष्टि (भद्रा) 01:28, 4 अक्टू॰ तक
बव 13:26, 4 अक्टू॰ तक
चंद्र राशि
तुला 17:56 तक
सूर्य राशिकन्या
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:05
सूर्यास्त
17:56
चंद्रोदय
09:20
चंद्रास्त
19:55
दिनमान
11h 51m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
आश्विन
मास (पूर्णिमांत)
आश्विन
विक्रम संवत
2084
शक संवत
1949, प्लवंग संवत्सर
ऋतु
शरद
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:28 – 05:17
अभिजीत मुहूर्त
11:37 – 12:24

अशुभ समय

राहुकाल
16:27 – 17:56
यमगंड
12:01 – 13:30
गुलिक काल
14:58 – 16:27

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
सूर्य06:0507:05दिन
शुक्र07:0508:04दिन
बुध08:0409:03दिन
चंद्र09:0310:02दिन
शनि10:0211:02दिन
गुरु11:0212:01दिन
मंगल12:0113:00दिन
सूर्य13:0013:59दिन
शुक्र13:5914:58दिन
बुध14:5815:58दिन
चंद्र15:5816:57दिन
शनि16:5717:56दिन
गुरु17:5618:57रात
मंगल18:5719:58रात
सूर्य19:5820:59रात
शुक्र20:5921:59रात
बुध21:5923:00रात
चंद्र23:0000:01रात
शनि00:0101:02रात
गुरु01:0202:03रात
मंगल02:0303:03रात
सूर्य03:0304:04रात
शुक्र04:0405:05रात
बुध05:0506:06रात

अयनांश 24.2447° (लाहिड़ी)। समय बरेली (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।