11 अक्टूबर 2027 को बरेली का चौघड़िया

सोमवार, 11 अक्टूबर 2027, बरेली, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

सोमवार, 11 अक्टूबर 2027 को बरेली में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल एकादशी (14:09 तक), नक्षत्र धनिष्ठा (16:21 तक) और योग शूल है। सूर्योदय 06:10 पर और सूर्यास्त 17:47 पर है। राहुकाल 07:37 से 09:04 तक है।

दिन और रात
दिन 06:10 – 17:47
रात 06:10 तक
तिथि
एकादशी, 14:09 तक
द्वादशी
नक्षत्र
धनिष्ठा, 16:21 तक
शतभिषा
चौघड़िया
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

11 अक्टूबर 2027 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
अमृत06:10 – 07:37शुभ
काल07:37 – 09:04टालें
शुभ09:04 – 10:31शुभ
रोग10:31 – 11:58टालें
उद्वेग11:58 – 13:26टालें
चर13:26 – 14:53सामान्य
लाभ14:53 – 16:20शुभ
अमृत16:20 – 17:47शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
चर17:47 – 19:20सामान्य
रोग19:20 – 20:53टालें
काल20:53 – 22:26टालें
लाभ22:26 – 23:59शुभ
उद्वेग23:59 – 01:32टालें
शुभ01:32 – 03:05शुभ
अमृत03:05 – 04:37शुभ
चर04:37 – 06:10सामान्य

11 अक्टूबर 2027 का पंचांग

वारसोमवार
तिथि
शुक्ल एकादशी 14:09 तक
शुक्ल द्वादशी 16:14, 12 अक्टू॰ तक
नक्षत्र
शतभिषा 18:55, 12 अक्टू॰ तक
योग
शूलअशुभ 15:45 तक
गंडअशुभ 16:20, 12 अक्टू॰ तक
करण
विष्टि (भद्रा) 14:09 तक
बव 03:15, 12 अक्टू॰ तक
बालव 16:14, 12 अक्टू॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिकन्या
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:10
सूर्यास्त
17:47
चंद्रोदय
15:21
चंद्रास्त
02:10
दिनमान
11h 37m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
आश्विन
मास (पूर्णिमांत)
आश्विन
विक्रम संवत
2084
शक संवत
1949, प्लवंग संवत्सर
ऋतु
शरद
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:31 – 05:20
अभिजीत मुहूर्त
11:35 – 12:22

अशुभ समय

राहुकाल
07:37 – 09:04
यमगंड
10:31 – 11:58
गुलिक काल
13:26 – 14:53

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
चंद्र06:1007:08दिन
शनि07:0808:06दिन
गुरु08:0609:04दिन
मंगल09:0410:02दिन
सूर्य10:0211:00दिन
शुक्र11:0011:58दिन
बुध11:5812:57दिन
चंद्र12:5713:55दिन
शनि13:5514:53दिन
गुरु14:5315:51दिन
मंगल15:5116:49दिन
सूर्य16:4917:47दिन
शुक्र17:4718:49रात
बुध18:4919:51रात
चंद्र19:5120:53रात
शनि20:5321:55रात
गुरु21:5522:57रात
मंगल22:5723:59रात
सूर्य23:5901:01रात
शुक्र01:0102:03रात
बुध02:0303:05रात
चंद्र03:0504:06रात
शनि04:0605:08रात
गुरु05:0806:10रात

अयनांश 24.2451° (लाहिड़ी)। समय बरेली (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।