29 अक्टूबर 2027 को बरेली का चौघड़िया

शुक्रवार, 29 अक्टूबर 2027, बरेली, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

शुक्रवार, 29 अक्टूबर 2027 को बरेली में सूर्योदय के समय तिथि अमावस्या (19:06 तक), नक्षत्र चित्रा (10:27 तक) और योग प्रीति है। सूर्योदय 06:21 पर और सूर्यास्त 17:30 पर है। राहुकाल 10:32 से 11:55 तक है।

दिन और रात
दिन 06:21 – 17:30
रात 06:22 तक
तिथि
अमावस्या, 19:06 तक
प्रतिपदा
नक्षत्र
चित्रा, 10:27 तक
स्वाति
चौघड़िया
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

29 अक्टूबर 2027 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
चर06:21 – 07:45सामान्य
लाभ07:45 – 09:08शुभ
अमृत09:08 – 10:32शुभ
काल10:32 – 11:55टालें
शुभ11:55 – 13:19शुभ
रोग13:19 – 14:43टालें
उद्वेग14:43 – 16:06टालें
चर16:06 – 17:30सामान्य
रात का चौघड़ियासमयफल
रोग17:30 – 19:06टालें
काल19:06 – 20:43टालें
लाभ20:43 – 22:19शुभ
उद्वेग22:19 – 23:56टालें
शुभ23:56 – 01:32शुभ
अमृत01:32 – 03:09शुभ
चर03:09 – 04:45सामान्य
रोग04:45 – 06:22टालें

29 अक्टूबर 2027 का पंचांग

वारशुक्रवार
तिथि
अमावस्या 19:06 तक
शुक्ल प्रतिपदा 17:52, 30 अक्टू॰ तक
नक्षत्र
चित्रा 10:27 तक
स्वाति 09:43, 30 अक्टू॰ तक
योग
प्रीति 00:34, 30 अक्टू॰ तक
आयुष्मान 22:30, 30 अक्टू॰ तक
करण
चतुष्पद 07:54 तक
नाग 19:06 तक
किंस्तुघ्न 06:25, 30 अक्टू॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशितुला
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:21
सूर्यास्त
17:30
चंद्रोदय
05:56
चंद्रास्त
17:04
दिनमान
11h 9m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
आश्विन
मास (पूर्णिमांत)
कार्तिक
विक्रम संवत
2084
शक संवत
1949, प्लवंग संवत्सर
ऋतु
शरद
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:38 – 05:30
अभिजीत मुहूर्त
11:33 – 12:18

अशुभ समय

राहुकाल
10:32 – 11:55
यमगंड
14:43 – 16:06
गुलिक काल
07:45 – 09:08

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
शुक्र06:2107:17दिन
बुध07:1708:12दिन
चंद्र08:1209:08दिन
शनि09:0810:04दिन
गुरु10:0411:00दिन
मंगल11:0011:55दिन
सूर्य11:5512:51दिन
शुक्र12:5113:47दिन
बुध13:4714:43दिन
चंद्र14:4315:38दिन
शनि15:3816:34दिन
गुरु16:3417:30दिन
मंगल17:3018:34रात
सूर्य18:3419:38रात
शुक्र19:3820:43रात
बुध20:4321:47रात
चंद्र21:4722:51रात
शनि22:5123:56रात
गुरु23:5601:00रात
मंगल01:0002:04रात
सूर्य02:0403:09रात
शुक्र03:0904:13रात
बुध04:1305:17रात
चंद्र05:1706:22रात

अयनांश 24.2457° (लाहिड़ी)। समय बरेली (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।