22 दिसंबर 2027 को बरेली का चौघड़िया

बुधवार, 22 दिसंबर 2027, बरेली, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

बुधवार, 22 दिसंबर 2027 को बरेली में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण दशमी (23:41 तक), नक्षत्र चित्रा (00:09, 23 दिस॰ तक) और योग शोभन है। सूर्योदय 07:00 पर और सूर्यास्त 17:20 पर है। राहुकाल 12:10 से 13:28 तक है।

दिन और रात
दिन 07:00 – 17:20
रात 07:00 तक
तिथि
दशमी, 23:41 तक
एकादशी
नक्षत्र
चित्रा, 00:09 तक
स्वाति
चौघड़िया
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

22 दिसंबर 2027 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
लाभ07:00 – 08:17शुभ
अमृत08:17 – 09:35शुभ
काल09:35 – 10:53टालें
शुभ10:53 – 12:10शुभ
रोग12:10 – 13:28टालें
उद्वेग13:28 – 14:45टालें
चर14:45 – 16:03सामान्य
लाभ16:03 – 17:20शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
उद्वेग17:20 – 19:03टालें
शुभ19:03 – 20:45शुभ
अमृत20:45 – 22:28शुभ
चर22:28 – 00:10सामान्य
रोग00:10 – 01:53टालें
काल01:53 – 03:35टालें
लाभ03:35 – 05:18शुभ
उद्वेग05:18 – 07:00टालें

22 दिसंबर 2027 का पंचांग

वारबुधवार
तिथि
कृष्ण दशमी 23:41 तक
कृष्ण एकादशी 23:12, 23 दिस॰ तक
नक्षत्र
चित्रा 00:09, 23 दिस॰ तक
स्वाति 00:17, 24 दिस॰ तक
योग
शोभन 13:28 तक
अतिगंडअशुभ 11:43, 23 दिस॰ तक
करण
वणिज 12:05 तक
विष्टि (भद्रा) 23:41 तक
बव 11:23, 23 दिस॰ तक
चंद्र राशि
कन्या 12:14 तक
सूर्य राशिधनु
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
07:00
सूर्यास्त
17:20
चंद्रोदय
01:37
चंद्रास्त
13:01
दिनमान
10h 20m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
मार्गशीर्ष
मास (पूर्णिमांत)
पौष
विक्रम संवत
2084
शक संवत
1949, प्लवंग संवत्सर
ऋतु
हेमंत
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
05:11 – 06:05
अभिजीत मुहूर्त
11:49 – 12:31 (बुधवार को पारंपरिक रूप से वर्जित)

अशुभ समय

राहुकाल
12:10 – 13:28
यमगंड
08:17 – 09:35
गुलिक काल
10:53 – 12:10

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
बुध07:0007:52दिन
चंद्र07:5208:43दिन
शनि08:4309:35दिन
गुरु09:3510:27दिन
मंगल10:2711:18दिन
सूर्य11:1812:10दिन
शुक्र12:1013:02दिन
बुध13:0213:53दिन
चंद्र13:5314:45दिन
शनि14:4515:37दिन
गुरु15:3716:29दिन
मंगल16:2917:20दिन
सूर्य17:2018:29रात
शुक्र18:2919:37रात
बुध19:3720:45रात
चंद्र20:4521:54रात
शनि21:5423:02रात
गुरु23:0200:10रात
मंगल00:1001:19रात
सूर्य01:1902:27रात
शुक्र02:2703:35रात
बुध03:3504:44रात
चंद्र04:4405:52रात
शनि05:5207:00रात

अयनांश 24.2478° (लाहिड़ी)। समय बरेली (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।