20 सितंबर 2028 को बरेली का चौघड़िया

बुधवार, 20 सितंबर 2028, बरेली, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

बुधवार, 20 सितंबर 2028 को बरेली में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल द्वितीया (16:19 तक), नक्षत्र हस्त (09:18 तक) और योग ब्रह्म है। सूर्योदय 05:59 पर और सूर्यास्त 18:10 पर है। राहुकाल 12:05 से 13:36 तक है।

दिन और रात
दिन 05:59 – 18:10
रात 06:00 तक
तिथि
द्वितीया, 16:19 तक
तृतीया
नक्षत्र
हस्त, 09:18 तक
चित्रा
चौघड़िया
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

20 सितंबर 2028 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
लाभ05:59 – 07:31शुभ
अमृत07:31 – 09:02शुभ
काल09:02 – 10:33टालें
शुभ10:33 – 12:05शुभ
रोग12:05 – 13:36टालें
उद्वेग13:36 – 15:08टालें
चर15:08 – 16:39सामान्य
लाभ16:39 – 18:10शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
उद्वेग18:10 – 19:39टालें
शुभ19:39 – 21:08शुभ
अमृत21:08 – 22:36शुभ
चर22:36 – 00:05सामान्य
रोग00:05 – 01:34टालें
काल01:34 – 03:02टालें
लाभ03:02 – 04:31शुभ
उद्वेग04:31 – 06:00टालें

20 सितंबर 2028 का पंचांग

वारबुधवार
तिथि
शुक्ल द्वितीया 16:19 तक
शुक्ल तृतीया 13:00, 21 सित॰ तक
नक्षत्र
हस्त 09:18 तक
चित्रा 06:38, 21 सित॰ तक
योग
ब्रह्म 19:05 तक
इंद्र 15:17, 21 सित॰ तक
करण
बालव 06:07 तक
कौलव 16:19 तक
तैतिल 02:36, 21 सित॰ तक
गर 13:00, 21 सित॰ तक
चंद्र राशि
कन्या 19:55 तक
सूर्य राशिकन्या
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
05:59
सूर्यास्त
18:10
चंद्रोदय
07:32
चंद्रास्त
19:01
दिनमान
12h 11m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
आश्विन
मास (पूर्णिमांत)
आश्विन
विक्रम संवत
2085
शक संवत
1950, कीलक संवत्सर
ऋतु
शरद
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:25 – 05:12
अभिजीत मुहूर्त
11:41 – 12:29 (बुधवार को पारंपरिक रूप से वर्जित)

अशुभ समय

राहुकाल
12:05 – 13:36
यमगंड
07:31 – 09:02
गुलिक काल
10:33 – 12:05

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
बुध05:5907:00दिन
चंद्र07:0008:01दिन
शनि08:0109:02दिन
गुरु09:0210:03दिन
मंगल10:0311:04दिन
सूर्य11:0412:05दिन
शुक्र12:0513:06दिन
बुध13:0614:07दिन
चंद्र14:0715:08दिन
शनि15:0816:09दिन
गुरु16:0917:09दिन
मंगल17:0918:10दिन
सूर्य18:1019:10रात
शुक्र19:1020:09रात
बुध20:0921:08रात
चंद्र21:0822:07रात
शनि22:0723:06रात
गुरु23:0600:05रात
मंगल00:0501:04रात
सूर्य01:0402:03रात
शुक्र02:0303:02रात
बुध03:0204:02रात
चंद्र04:0205:01रात
शनि05:0106:00रात

अयनांश 24.2582° (लाहिड़ी)। समय बरेली (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।