13 अक्टूबर 2028 को बरेली का चौघड़िया

शुक्रवार, 13 अक्टूबर 2028, बरेली, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

शुक्रवार, 13 अक्टूबर 2028 को बरेली में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण दशमी (01:13, 14 अक्टू॰ तक), नक्षत्र पुष्य (08:14 तक) और योग साध्य है। सूर्योदय 06:11 पर और सूर्यास्त 17:44 पर है। राहुकाल 10:31 से 11:58 तक है।

दिन और रात
दिन 06:11 – 17:44
रात 06:12 तक
तिथि
दशमी, 01:13 तक
एकादशी
नक्षत्र
आश्लेषा
चौघड़िया
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

13 अक्टूबर 2028 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
चर06:11 – 07:38सामान्य
लाभ07:38 – 09:05शुभ
अमृत09:05 – 10:31शुभ
काल10:31 – 11:58टालें
शुभ11:58 – 13:24शुभ
रोग13:24 – 14:51टालें
उद्वेग14:51 – 16:18टालें
चर16:18 – 17:44सामान्य
रात का चौघड़ियासमयफल
रोग17:44 – 19:18टालें
काल19:18 – 20:51टालें
लाभ20:51 – 22:25शुभ
उद्वेग22:25 – 23:58टालें
शुभ23:58 – 01:32शुभ
अमृत01:32 – 03:05शुभ
चर03:05 – 04:38सामान्य
रोग04:38 – 06:12टालें

13 अक्टूबर 2028 का पंचांग

वारशुक्रवार
तिथि
कृष्ण दशमी 01:13, 14 अक्टू॰ तक
कृष्ण एकादशी 22:28, 14 अक्टू॰ तक
नक्षत्र
पुष्य 08:14 तक
आश्लेषा 06:39, 14 अक्टू॰ तक
योग
साध्य 01:00, 14 अक्टू॰ तक
शुभ 21:37, 14 अक्टू॰ तक
करण
वणिज 14:23 तक
विष्टि (भद्रा) 01:13, 14 अक्टू॰ तक
बव 11:55, 14 अक्टू॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिकन्या
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:11
सूर्यास्त
17:44
चंद्रोदय
00:41
चंद्रास्त
14:18
दिनमान
11h 33m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
आश्विन
मास (पूर्णिमांत)
कार्तिक
विक्रम संवत
2085
शक संवत
1950, कीलक संवत्सर
ऋतु
शरद
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:32 – 05:22
अभिजीत मुहूर्त
11:35 – 12:21

अशुभ समय

राहुकाल
10:31 – 11:58
यमगंड
14:51 – 16:18
गुलिक काल
07:38 – 09:05

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
शुक्र06:1107:09दिन
बुध07:0908:07दिन
चंद्र08:0709:05दिन
शनि09:0510:02दिन
गुरु10:0211:00दिन
मंगल11:0011:58दिन
सूर्य11:5812:55दिन
शुक्र12:5513:53दिन
बुध13:5314:51दिन
चंद्र14:5115:49दिन
शनि15:4916:46दिन
गुरु16:4617:44दिन
मंगल17:4418:46रात
सूर्य18:4619:49रात
शुक्र19:4920:51रात
बुध20:5121:53रात
चंद्र21:5322:56रात
शनि22:5623:58रात
गुरु23:5801:00रात
मंगल01:0002:03रात
सूर्य02:0303:05रात
शुक्र03:0504:07रात
बुध04:0705:10रात
चंद्र05:1006:12रात

अयनांश 24.2591° (लाहिड़ी)। समय बरेली (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।