5 मार्च 2029 को बरेली का चौघड़िया

सोमवार, 5 मार्च 2029, बरेली, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

सोमवार, 5 मार्च 2029 को बरेली में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण षष्ठी (03:26, 6 मार्च तक), नक्षत्र विशाखा (03:25, 6 मार्च तक) और योग व्याघात है। सूर्योदय 06:32 पर और सूर्यास्त 18:14 पर है। राहुकाल 08:00 से 09:28 तक है।

दिन और रात
दिन 06:32 – 18:14
रात 06:31 तक
तिथि
षष्ठी, 03:26 तक
सप्तमी
नक्षत्र
विशाखा, 03:25 तक
अनुराधा
चौघड़िया
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

5 मार्च 2029 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
अमृत06:32 – 08:00शुभ
काल08:00 – 09:28टालें
शुभ09:28 – 10:56शुभ
रोग10:56 – 12:23टालें
उद्वेग12:23 – 13:51टालें
चर13:51 – 15:19सामान्य
लाभ15:19 – 16:47शुभ
अमृत16:47 – 18:14शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
चर18:14 – 19:46सामान्य
रोग19:46 – 21:19टालें
काल21:19 – 22:51टालें
लाभ22:51 – 00:23शुभ
उद्वेग00:23 – 01:55टालें
शुभ01:55 – 03:27शुभ
अमृत03:27 – 04:59शुभ
चर04:59 – 06:31सामान्य

5 मार्च 2029 का पंचांग

वारसोमवार
तिथि
कृष्ण षष्ठी 03:26, 6 मार्च तक
कृष्ण सप्तमी 01:52, 7 मार्च तक
नक्षत्र
विशाखा 03:25, 6 मार्च तक
अनुराधा 02:33, 7 मार्च तक
योग
व्याघातअशुभ 01:17, 6 मार्च तक
हर्षण 22:47, 6 मार्च तक
करण
गर 16:28 तक
वणिज 03:26, 6 मार्च तक
विष्टि (भद्रा) 14:34, 6 मार्च तक
चंद्र राशि
तुला 21:45 तक
सूर्य राशिकुंभ
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:32
सूर्यास्त
18:14
चंद्रोदय
23:38
चंद्रास्त
09:24
दिनमान
11h 42m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
फाल्गुन
मास (पूर्णिमांत)
चैत्र
विक्रम संवत
2085
शक संवत
1950, कीलक संवत्सर
ऋतु
शिशिर
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:54 – 05:43
अभिजीत मुहूर्त
12:00 – 12:47

अशुभ समय

राहुकाल
08:00 – 09:28
यमगंड
10:56 – 12:23
गुलिक काल
13:51 – 15:19

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
चंद्र06:3207:31दिन
शनि07:3108:29दिन
गुरु08:2909:28दिन
मंगल09:2810:26दिन
सूर्य10:2611:25दिन
शुक्र11:2512:23दिन
बुध12:2313:22दिन
चंद्र13:2214:20दिन
शनि14:2015:19दिन
गुरु15:1916:17दिन
मंगल16:1717:16दिन
सूर्य17:1618:14दिन
शुक्र18:1419:16रात
बुध19:1620:17रात
चंद्र20:1721:19रात
शनि21:1922:20रात
गुरु22:2023:21रात
मंगल23:2100:23रात
सूर्य00:2301:24रात
शुक्र01:2402:26रात
बुध02:2603:27रात
चंद्र03:2704:29रात
शनि04:2905:30रात
गुरु05:3006:31रात

अयनांश 24.2646° (लाहिड़ी)। समय बरेली (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

सूची में से सबसे नज़दीकी शहर चुनें।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।