23 मार्च 2029 को बरेली का चौघड़िया

शुक्रवार, 23 मार्च 2029, बरेली, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

शुक्रवार, 23 मार्च 2029 को बरेली में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल अष्टमी (01:10, 24 मार्च तक), नक्षत्र मृगशिरा (09:14 तक) और योग सौभाग्य है। सूर्योदय 06:12 पर और सूर्यास्त 18:25 पर है। राहुकाल 10:47 से 12:19 तक है।

दिन और रात
दिन 06:12 – 18:25
रात 06:11 तक
तिथि
अष्टमी, 01:10 तक
नवमी
नक्षत्र
आर्द्रा
चौघड़िया
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

23 मार्च 2029 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
चर06:12 – 07:44सामान्य
लाभ07:44 – 09:15शुभ
अमृत09:15 – 10:47शुभ
काल10:47 – 12:19टालें
शुभ12:19 – 13:50शुभ
रोग13:50 – 15:22टालें
उद्वेग15:22 – 16:53टालें
चर16:53 – 18:25सामान्य
रात का चौघड़ियासमयफल
रोग18:25 – 19:53टालें
काल19:53 – 21:21टालें
लाभ21:21 – 22:50शुभ
उद्वेग22:50 – 00:18टालें
शुभ00:18 – 01:46शुभ
अमृत01:46 – 03:15शुभ
चर03:15 – 04:43सामान्य
रोग04:43 – 06:11टालें

23 मार्च 2029 का पंचांग

वारशुक्रवार
तिथि
शुक्ल अष्टमी 01:10, 24 मार्च तक
शुक्ल नवमी 00:49, 25 मार्च तक
नक्षत्र
आर्द्रा 10:02, 24 मार्च तक
योग
सौभाग्य 23:22 तक
शोभन 22:02, 24 मार्च तक
करण
विष्टि (भद्रा) 13:03 तक
बव 01:10, 24 मार्च तक
बालव 13:06, 24 मार्च तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिमीन
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:12
सूर्यास्त
18:25
चंद्रोदय
11:21
चंद्रास्त
00:51
दिनमान
12h 12m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
अधिक चैत्र
मास (पूर्णिमांत)
अधिक चैत्र
विक्रम संवत
2086
शक संवत
1951, सौम्य संवत्सर
ऋतु
वसंत
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:38 – 05:25
अभिजीत मुहूर्त
11:54 – 12:43

अशुभ समय

राहुकाल
10:47 – 12:19
यमगंड
15:22 – 16:53
गुलिक काल
07:44 – 09:15

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
शुक्र06:1207:13दिन
बुध07:1308:14दिन
चंद्र08:1409:15दिन
शनि09:1510:16दिन
गुरु10:1611:17दिन
मंगल11:1712:19दिन
सूर्य12:1913:20दिन
शुक्र13:2014:21दिन
बुध14:2115:22दिन
चंद्र15:2216:23दिन
शनि16:2317:24दिन
गुरु17:2418:25दिन
मंगल18:2519:24रात
सूर्य19:2420:22रात
शुक्र20:2221:21रात
बुध21:2122:20रात
चंद्र22:2023:19रात
शनि23:1900:18रात
गुरु00:1801:17रात
मंगल01:1702:16रात
सूर्य02:1603:15रात
शुक्र03:1504:13रात
बुध04:1305:12रात
चंद्र05:1206:11रात

अयनांश 24.2653° (लाहिड़ी)। समय बरेली (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।