3 अप्रैल 2029 को बरेली का चौघड़िया

मंगलवार, 3 अप्रैल 2029, बरेली, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

मंगलवार, 3 अप्रैल 2029 को बरेली में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण पंचमी (15:34 तक), नक्षत्र अनुराधा (10:27 तक) और योग सिद्धि है। सूर्योदय 06:00 पर और सूर्यास्त 18:31 पर है। राहुकाल 15:23 से 16:57 तक है।

दिन और रात
दिन 06:00 – 18:31
रात 05:59 तक
तिथि
पंचमी, 15:34 तक
षष्ठी
नक्षत्र
अनुराधा, 10:27 तक
ज्येष्ठा
चौघड़िया
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

3 अप्रैल 2029 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
रोग06:00 – 07:34टालें
उद्वेग07:34 – 09:07टालें
चर09:07 – 10:41सामान्य
लाभ10:41 – 12:15शुभ
अमृत12:15 – 13:49शुभ
काल13:49 – 15:23टालें
शुभ15:23 – 16:57शुभ
रोग16:57 – 18:31टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
काल18:31 – 19:57टालें
लाभ19:57 – 21:23शुभ
उद्वेग21:23 – 22:49टालें
शुभ22:49 – 00:15शुभ
अमृत00:15 – 01:41शुभ
चर01:41 – 03:07सामान्य
रोग03:07 – 04:33टालें
काल04:33 – 05:59टालें

3 अप्रैल 2029 का पंचांग

वारमंगलवार
तिथि
कृष्ण पंचमी 15:34 तक
कृष्ण षष्ठी 14:05, 4 अप्रैल तक
नक्षत्र
ज्येष्ठा 09:30, 4 अप्रैल तक
योग
सिद्धि 06:02 तक
व्यतीपातअशुभ 03:24, 4 अप्रैल तक
वरीयान 01:25, 5 अप्रैल तक
करण
तैतिल 15:34 तक
गर 02:44, 4 अप्रैल तक
वणिज 14:05, 4 अप्रैल तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिमीन
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:00
सूर्यास्त
18:31
चंद्रोदय
23:30
चंद्रास्त
09:00
दिनमान
12h 31m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
अधिक चैत्र
मास (पूर्णिमांत)
अधिक चैत्र
विक्रम संवत
2086
शक संवत
1951, सौम्य संवत्सर
ऋतु
वसंत
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:28 – 05:14
अभिजीत मुहूर्त
11:50 – 12:40

अशुभ समय

राहुकाल
15:23 – 16:57
यमगंड
09:07 – 10:41
गुलिक काल
12:15 – 13:49

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
मंगल06:0007:02दिन
सूर्य07:0208:05दिन
शुक्र08:0509:07दिन
बुध09:0710:10दिन
चंद्र10:1011:13दिन
शनि11:1312:15दिन
गुरु12:1513:18दिन
मंगल13:1814:20दिन
सूर्य14:2015:23दिन
शुक्र15:2316:26दिन
बुध16:2617:28दिन
चंद्र17:2818:31दिन
शनि18:3119:28रात
गुरु19:2820:25रात
मंगल20:2521:23रात
सूर्य21:2322:20रात
शुक्र22:2023:17रात
बुध23:1700:15रात
चंद्र00:1501:12रात
शनि01:1202:09रात
गुरु02:0903:07रात
मंगल03:0704:04रात
सूर्य04:0405:01रात
शुक्र05:0105:59रात

अयनांश 24.2657° (लाहिड़ी)। समय बरेली (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।