5 सितंबर 2029 को बरेली का चौघड़िया

बुधवार, 5 सितंबर 2029, बरेली, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

बुधवार, 5 सितंबर 2029 को बरेली में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण द्वादशी (23:31 तक), नक्षत्र पुनर्वसु (06:08 तक) और योग वरीयान है। सूर्योदय 05:52 पर और सूर्यास्त 18:28 पर है। राहुकाल 12:10 से 13:45 तक है।

दिन और रात
दिन 05:52 – 18:28
रात 05:52 तक
तिथि
द्वादशी, 23:31 तक
त्रयोदशी
नक्षत्र
पुष्य, 05:34 तक
चौघड़िया
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

5 सितंबर 2029 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
लाभ05:52 – 07:27शुभ
अमृत07:27 – 09:01शुभ
काल09:01 – 10:36टालें
शुभ10:36 – 12:10शुभ
रोग12:10 – 13:45टालें
उद्वेग13:45 – 15:19टालें
चर15:19 – 16:54सामान्य
लाभ16:54 – 18:28शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
उद्वेग18:28 – 19:54टालें
शुभ19:54 – 21:19शुभ
अमृत21:19 – 22:45शुभ
चर22:45 – 00:10सामान्य
रोग00:10 – 01:36टालें
काल01:36 – 03:01टालें
लाभ03:01 – 04:27शुभ
उद्वेग04:27 – 05:52टालें

5 सितंबर 2029 का पंचांग

वारबुधवार
तिथि
कृष्ण द्वादशी 23:31 तक
कृष्ण त्रयोदशी 21:41, 6 सित॰ तक
नक्षत्र
पुष्य 05:34, 6 सित॰ तक
आश्लेषा 04:18, 7 सित॰ तक
योग
वरीयान 19:40 तक
परिघअशुभ 17:12, 6 सित॰ तक
करण
कौलव 12:10 तक
तैतिल 23:31 तक
गर 10:41, 6 सित॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिसिंह
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
05:52
सूर्यास्त
18:28
चंद्रोदय
02:21
चंद्रास्त
16:09
दिनमान
12h 36m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
श्रावण
मास (पूर्णिमांत)
भाद्रपद
विक्रम संवत
2086
शक संवत
1951, सौम्य संवत्सर
ऋतु
वर्षा
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:21 – 05:07
अभिजीत मुहूर्त
11:45 – 12:35 (बुधवार को पारंपरिक रूप से वर्जित)

अशुभ समय

राहुकाल
12:10 – 13:45
यमगंड
07:27 – 09:01
गुलिक काल
10:36 – 12:10

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
बुध05:5206:55दिन
चंद्र06:5507:58दिन
शनि07:5809:01दिन
गुरु09:0110:04दिन
मंगल10:0411:07दिन
सूर्य11:0712:10दिन
शुक्र12:1013:13दिन
बुध13:1314:16दिन
चंद्र14:1615:19दिन
शनि15:1916:22दिन
गुरु16:2217:25दिन
मंगल17:2518:28दिन
सूर्य18:2819:25रात
शुक्र19:2520:22रात
बुध20:2221:19रात
चंद्र21:1922:16रात
शनि22:1623:13रात
गुरु23:1300:10रात
मंगल00:1001:07रात
सूर्य01:0702:04रात
शुक्र02:0403:01रात
बुध03:0103:58रात
चंद्र03:5804:55रात
शनि04:5505:52रात

अयनांश 24.2716° (लाहिड़ी)। समय बरेली (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।