15 सितंबर 2029 को बरेली का चौघड़िया

शनिवार, 15 सितंबर 2029, बरेली, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

शनिवार, 15 सितंबर 2029 को बरेली में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल अष्टमी (18:22 तक), नक्षत्र ज्येष्ठा (10:05 तक) और योग प्रीति है। सूर्योदय 05:57 पर और सूर्यास्त 18:17 पर है। राहुकाल 09:02 से 10:34 तक है।

दिन और रात
दिन 05:57 – 18:17
रात 05:57 तक
तिथि
अष्टमी, 18:22 तक
नवमी
नक्षत्र
ज्येष्ठा, 10:05 तक
मूल
चौघड़िया
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

15 सितंबर 2029 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
काल05:57 – 07:29टालें
शुभ07:29 – 09:02शुभ
रोग09:02 – 10:34टालें
उद्वेग10:34 – 12:07टालें
चर12:07 – 13:39सामान्य
लाभ13:39 – 15:12शुभ
अमृत15:12 – 16:44शुभ
काल16:44 – 18:17टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
लाभ18:17 – 19:44शुभ
उद्वेग19:44 – 21:12टालें
शुभ21:12 – 22:39शुभ
अमृत22:39 – 00:07शुभ
चर00:07 – 01:35सामान्य
रोग01:35 – 03:02टालें
काल03:02 – 04:30टालें
लाभ04:30 – 05:57शुभ

15 सितंबर 2029 का पंचांग

वारशनिवार
तिथि
शुक्ल अष्टमी 18:22 तक
शुक्ल नवमी 17:32, 16 सित॰ तक
नक्षत्र
मूल 09:46, 16 सित॰ तक
योग
प्रीति 07:19 तक
आयुष्मान 05:20, 16 सित॰ तक
सौभाग्य 03:47, 17 सित॰ तक
करण
विष्टि (भद्रा) 06:59 तक
बव 18:22 तक
बालव 05:53, 16 सित॰ तक
कौलव 17:32, 16 सित॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिसिंह
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
05:57
सूर्यास्त
18:17
चंद्रोदय
13:12
चंद्रास्त
23:46
दिनमान
12h 20m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
भाद्रपद
मास (पूर्णिमांत)
भाद्रपद
विक्रम संवत
2086
शक संवत
1951, सौम्य संवत्सर
ऋतु
वर्षा
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:24 – 05:10
अभिजीत मुहूर्त
11:42 – 12:31

अशुभ समय

राहुकाल
09:02 – 10:34
यमगंड
13:39 – 15:12
गुलिक काल
05:57 – 07:29

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
शनि05:5706:58दिन
गुरु06:5808:00दिन
मंगल08:0009:02दिन
सूर्य09:0210:03दिन
शुक्र10:0311:05दिन
बुध11:0512:07दिन
चंद्र12:0713:08दिन
शनि13:0814:10दिन
गुरु14:1015:12दिन
मंगल15:1216:13दिन
सूर्य16:1317:15दिन
शुक्र17:1518:17दिन
बुध18:1719:15रात
चंद्र19:1520:13रात
शनि20:1321:12रात
गुरु21:1222:10रात
मंगल22:1023:09रात
सूर्य23:0900:07रात
शुक्र00:0701:05रात
बुध01:0502:04रात
चंद्र02:0403:02रात
शनि03:0204:01रात
गुरु04:0104:59रात
मंगल04:5905:57रात

अयनांश 24.2720° (लाहिड़ी)। समय बरेली (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।