14 सितंबर 2029 को बरेली का चौघड़िया

शुक्रवार, 14 सितंबर 2029, बरेली, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

शुक्रवार, 14 सितंबर 2029 को बरेली में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल सप्तमी (19:44 तक), नक्षत्र अनुराधा (10:56 तक) और योग विष्कंभ है। सूर्योदय 05:56 पर और सूर्यास्त 18:18 पर है। राहुकाल 10:34 से 12:07 तक है।

दिन और रात
दिन 05:56 – 18:18
रात 05:57 तक
तिथि
सप्तमी, 19:44 तक
अष्टमी
नक्षत्र
अनुराधा, 10:56 तक
ज्येष्ठा
चौघड़िया
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

14 सितंबर 2029 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
चर05:56 – 07:29सामान्य
लाभ07:29 – 09:02शुभ
अमृत09:02 – 10:34शुभ
काल10:34 – 12:07टालें
शुभ12:07 – 13:40शुभ
रोग13:40 – 15:12टालें
उद्वेग15:12 – 16:45टालें
चर16:45 – 18:18सामान्य
रात का चौघड़ियासमयफल
रोग18:18 – 19:45टालें
काल19:45 – 21:13टालें
लाभ21:13 – 22:40शुभ
उद्वेग22:40 – 00:07टालें
शुभ00:07 – 01:35शुभ
अमृत01:35 – 03:02शुभ
चर03:02 – 04:29सामान्य
रोग04:29 – 05:57टालें

14 सितंबर 2029 का पंचांग

वारशुक्रवार
तिथि
शुक्ल सप्तमी 19:44 तक
शुक्ल अष्टमी 18:22, 15 सित॰ तक
नक्षत्र
ज्येष्ठा 10:05, 15 सित॰ तक
योग
विष्कंभअशुभ 09:43 तक
प्रीति 07:19, 15 सित॰ तक
करण
गर 08:38 तक
वणिज 19:44 तक
विष्टि (भद्रा) 06:59, 15 सित॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिसिंह
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
05:56
सूर्यास्त
18:18
चंद्रोदय
12:13
चंद्रास्त
22:46
दिनमान
12h 22m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
भाद्रपद
मास (पूर्णिमांत)
भाद्रपद
विक्रम संवत
2086
शक संवत
1951, सौम्य संवत्सर
ऋतु
वर्षा
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:23 – 05:10
अभिजीत मुहूर्त
11:42 – 12:32

अशुभ समय

राहुकाल
10:34 – 12:07
यमगंड
15:12 – 16:45
गुलिक काल
07:29 – 09:02

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
शुक्र05:5606:58दिन
बुध06:5808:00दिन
चंद्र08:0009:02दिन
शनि09:0210:04दिन
गुरु10:0411:05दिन
मंगल11:0512:07दिन
सूर्य12:0713:09दिन
शुक्र13:0914:11दिन
बुध14:1115:12दिन
चंद्र15:1216:14दिन
शनि16:1417:16दिन
गुरु17:1618:18दिन
मंगल18:1819:16रात
सूर्य19:1620:14रात
शुक्र20:1421:13रात
बुध21:1322:11रात
चंद्र22:1123:09रात
शनि23:0900:07रात
गुरु00:0701:06रात
मंगल01:0602:04रात
सूर्य02:0403:02रात
शुक्र03:0204:00रात
बुध04:0004:59रात
चंद्र04:5905:57रात

अयनांश 24.2720° (लाहिड़ी)। समय बरेली (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।